बद्री अग्रवाल को बदनाम करने की साजिश! दो साल पुराना वीडियो और संदिग्ध एफआईआर, राजनीति में उठ रहे सवाल


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री बद्री अग्रवाल को बदनाम करने की साजिश का मामला सामने आया है। युवा नेता बद्री अग्रवाल पर पोड़ीबहार निवासी रंजीत पटेल नामक व्यक्ति द्वारा मनगढ़त झूठा एफआईआर दर्ज कराकर विवादित परिस्थिति बनाई जा रही है। खास बात यह है कि वायरल वीडियो दो साल पुराना है, जिसका समय कांग्रेस शासनकाल का है और एफआईआर बिना उचित जांच के दर्ज कराई गई।
बद्री अग्रवाल वर्तमान में पितृमोक्षार्थ श्राद्ध कार्य के लिए बिहार में हैं। इस बीच अचानक 8 जनवरी 2023 का एक पुराना वीडियो वायरल हो गया, जिसे लेकर समाज में चर्चा और सवाल खड़े हो रहे हैं। भाजपा संगठन में नियुक्तियों का समय चल रहा है और इसी संदर्भ में यह विवादित वीडियो अब राजनीति की साजिश के रूप में सामने आया है। कई राजनीतिक जानकार इसे पार्टी के भीतर गुटबाजी और प्रतिस्पर्धा की वजह बता रहे हैं।
बद्री अग्रवाल ने खुद इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कोरबा एसपी को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि रंजीत पटेल नामक व्यक्ति से उनका कोई परिचय नहीं है, न ही कभी कोई संवाद हुआ है। उन्होंने इस एफआईआर को द्वेषपूर्ण राजनीति की साजिश करार दिया है, जिसका उद्देश्य उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान को धूमिल करना है। उन्होंने उचित न्याय की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान समय में वे बिहार में श्राद्ध कर्म में व्यस्त हैं, ऐसे में किसी को धमकाने की बात निराधार है।
यहाँ तक कि भाजपाई कार्यकर्ताओं के बीच भी यह चर्चा है कि भाजपा संगठन के अलग-अलग गुट एक-दूसरे को बदनाम करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। हालांकि हर बार मोहरे अलग होते हैं, लेकिन उद्देश्य केवल एक ही होता है – प्रतिष्ठा को कलंकित करना। जनता भी इस पर सवाल उठा रही है कि क्या बिना जांच पड़ताल के एफआईआर दर्ज करना उचित है, या इसमें कहीं बड़ी साजिश शामिल है।
इस पूरे प्रकरण पर अब जिला प्रशासन और पुलिस का ध्यान जा रहा है ताकि न्याय की प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से पूरी हो सके।

