प्रदेश में औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार : उद्योग मंत्री देवांगन ने प्लास्टिक पार्क, स्मार्ट इंडस्ट्रीयल एरिया और एल्युमिनियम पार्क को लेकर दिए निर्देश


रायपुर, 02 सितंबर 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को तेजी देने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
मंत्री श्री देवांगन ने रायपुर जिले के उरला में 39 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन प्रदेश के पहले प्लास्टिक पार्क को 30 अक्टूबर 2025 तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में प्रस्तावित चार नए स्मार्ट इंडस्ट्रीयल एरिया – जांजगीर-चांपा (सीलादेही बिर्रा), राजनांदगांव (गतवा ग्राम बीजेतला), नवा रायपुर (फार्मास्युटिकल पार्क) और बस्तर (नियानार) – के कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के आदेश दिए।
बैठक में उन्होंने रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं द्वारा अपेक्षित प्रगति न होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभागीय शिकायतों का निराकरण समयसीमा के भीतर होना चाहिए। पैसों के लेन-देन से जुड़ी शिकायतों पर सख्ती दिखाते हुए उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

कोरबा जिले में प्रस्तावित एल्युमिनियम पार्क को लेकर उन्होंने अधिकारियों को जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि संबंधित कंपनी ने बोर्ड मीटिंग में जमीन देने को मंजूरी दे दी है, अब औद्योगिक परियोजना शीघ्र गति पकड़ेगी।
बैठक के दौरान मंत्री श्री देवांगन ने प्रदेश की औद्योगिक नीति और निवेश के वातावरण पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हालिया जापान एवं दक्षिण कोरिया दौरे से वैश्विक स्तर पर प्रदेश की औद्योगिक छवि मजबूत हुई है। रायपुर, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 लागू होने के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। सिंगल विन्डो सिस्टम से प्रक्रियाओं को सरल किया गया है जिससे निवेश को गति मिली है।
बैठक में उन्होंने भू-आबंटन से जुड़े आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्धारित समयसीमा में उद्योग स्थापित न करने पर नोटिस देकर भू-निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए। साथ ही फ्री-होल्ड भूमि का व्यावसायिक उपयोग न होने पर गहन परीक्षण करने को कहा।
उन्होंने अनुदान, छूट और रियायतों से संबंधित प्रकरणों की प्रगति, बकाया भू-भाटक की वसूली, औद्योगिक पार्कों की स्थापना और लंबित संयुक्त स्थल निरीक्षण की भी समीक्षा की। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार सृजन योजना, पीएम फार्मलाईजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राइजेज, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल विकास योजना समेत कई योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।
बैठक में उद्योग विभाग के संचालक श्री प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार, उप सचिव सुश्री रेना जमीन, ओएसडी श्रीमती कमलेश नंदनी साहू, रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं की पंजीयक श्रीमती पदमनी भोई साहू, अपर संचालक श्री आलोक त्रिवेदी, श्री प्रवीण शुक्ला, श्री संतोष भगत सहित विभिन्न जिलों से आए अधिकारी उपस्थित थे।

