कोरबा में गणेशोत्सव पर हुआ ऐतिहासिक कवि सम्मेलन, नरेंद्र देवांगन ने कहा – धर्मांतरण हमारी संस्कृति पर सबसे बड़ी चोट, समिति ने किया सभी कवियों का सम्मान


कोरबा। गणेशोत्सव 2025 के अवसर पर राजेंद्र प्रसाद नगर फेस-1 कोसाबाड़ी दशहरा मैदान स्थित गणेश पंडाल में युवा गणेश समिति द्वारा भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन जबरदस्त आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ हास्य, व्यंग्य और जीवन-दर्शन की ऐसी प्रस्तुतियाँ हुईं कि देर रात तक श्रोतागण तालियों की गड़गड़ाहट से पंडाल गूंजाते रहे।
इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में निर्विरोध पार्षद एवं भाजयुमो जिला महामंत्री नरेंद्र देवांगन शामिल हुए। उन्होंने मंच से प्रदेशवासियों को गणेशोत्सव की शुभकामनाएँ दीं और कहा –
“गणेशोत्सव केवल आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा का संकल्प है। प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा धर्मांतरण हमारी संस्कृति पर सीधी चोट है। समाज को एकजुट होकर इस कुप्रथा का विरोध करना होगा। संस्कृति की रक्षा ही सच्ची गणेश भक्ति और राष्ट्र सेवा है।”
कवि सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय कवयित्री डॉ. अंजना सिंह (कोरबा), राष्ट्रीय कवि बंशीधर मिश्रा (अकलतरा), अमित शुक्ला (रीवा), विकास बैरागी (नरसिंहपुर), हिमांशु हिंद (इंदौर), अमित देवघरिया (बालको) और हीरामणि ने मंच से अपनी शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। कवियों की ओजस्वी और हास्य-व्यंग्यपूर्ण रचनाओं ने पूरे आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
युवा गणेश समिति के पदाधिकारियों ने मंच से सभी सातों राष्ट्रीय कवियों का पुष्पहार, शाल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। कवियों का सम्मान होते ही पंडाल तालियों से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्ति व संस्कृति की भावना से भर गया।
इस अवसर पर मंडल उपाध्यक्ष अनिल यादव, पार्षद एवं जिला खनिज न्यास सदस्य मुकुंद सिंह कंवर, विधायक प्रतिनिधि कपूर चंद पटेल, मंडल उपाध्यक्ष प्यारेलाल साहू, भाजयुमो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भूपेंद्र साहू, कमलेश यादव, अखिलेश शुक्ला, वेद प्रकाश, गुलजार सिंह, रामकुमार त्रिपाठी, मनोज राठौर, छन्नू सिंह ठाकुर, किशोर शर्मा, भाजपा युवा नेता घनश्याम ध्रुव, तथा युवा गणेश समिति से हिमांशु सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि नरेंद्र देवांगन ने आयोजन समिति को इस सफल कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए कहा कि –
“ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को नई ऊर्जा देते हैं और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।”

