कांग्रेस में ‘पीसीसी बनाम बीसीसी’ की जंग पर भाजपा सांसद महेश कश्यप का तंज


“कांग्रेस विचारों, मुद्दों और नेतृत्व के धरातल पर पूरी तरह खोखली हो चुकी है” – महेश कश्यप
रायपुर/जगदलपुर/दंतेवाड़ा।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर भारतीय जनता पार्टी के बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब विचारों और मुद्दों की राजनीति से पूरी तरह खाली हो चुकी है और उसकी जड़ें इतनी कमजोर हो गई हैं कि पार्टी अंतर्कलह के नित नए अध्याय लिख रही है।
कश्यप ने कहा कि पूर्व मंत्री रवीन्द्र चौबे के ताजा बयान और उस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की तल्ख प्रतिक्रिया से यह साफ जाहिर हो गया है कि कांग्रेस में अब ‘पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) बनाम बीसीसी (भूपेश कांग्रेस कमेटी)’ की जंग खुलकर सामने आ गई है।
🔹 बघेल के इशारे पर चल रहा अभियान
भाजपा सांसद कश्यप ने कहा कि कुछ समय पहले ही प्रदेश कांग्रेस की पोलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में, जिसमें कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी मौजूद थे, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत पर कमजोर नेतृत्व का ठप्पा लगा दिया था।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि –
“कभी मोहन मरकाम को हटाकर दीपक बैज को अध्यक्ष पद दिलाने वाले भूपेश बघेल आज उन्हीं पर हमलावर हो गए हैं। यह पूरा घटनाक्रम बघेल की राजनीतिक उपेक्षा से उपजे ‘एकाकी लोकतंत्र’ का परिणाम प्रतीत होता है।”
🔹 चौबे के बयान के पीछे सवाल
महेश कश्यप ने यह भी सवाल उठाया कि –
“पूर्व मंत्री रवीन्द्र चौबे ने जो बयान दिया है, वह क्या उनकी अपनी सोच थी या उन्हें दिलवाया गया था? क्या मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत अपने पद के योग्य नहीं हैं?”
कश्यप ने कहा कि चौबे के बयान को लेकर पार्टी के भीतर जो तीखी तकरार और खींचतान चल रही है, वह कांग्रेस के भीतर सत्ता-विछोह से उपजी बेचैनी और असंतोष का खुला संकेत है।
👉 इस तरह भाजपा सांसद महेश कश्यप ने कांग्रेस के भीतर चल रही ‘नेतृत्व युद्ध’ को आड़े हाथों लेते हुए इसे कांग्रेस की कमजोर जड़ों और विचारशून्यता का परिणाम बताया।

