कोरबा में लव जिहाद का खुलासा: शोभा सिंह प्रकरण में फर्जी दस्तावेज, पहचान बदलने का षड्यंत्र और हिंदू संगठनों की चेतावनी – कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन”




दिनांक: 15 जुलाई 2025
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा ज़िले में लंबे समय से सुर्खियों में रहे कुमारी शोभा सिंह – तौसीफ मेमन विवाह प्रकरण ने अब एक विस्फोटक मोड़ ले लिया है। हिन्दू जागरण मंच, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और राजपूत क्षत्रिय समाज के साथ-साथ कई सामाजिक संगठनों ने इस विवाह को “लव जिहाद का सुनियोजित उदाहरण” बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जिला विवाह अधिकारी के समक्ष विशेष विवाह अधिनियम की धारा 7 के तहत विधिवत आपत्ति दर्ज कराई गई है, जिसमें कहा गया है कि यह विवाह फर्जी दस्तावेजों और पहचान बदलने के षड्यंत्र के आधार पर कराया गया। इस अवसर पर कुमारी शोभा सिंह की माता और राजपूत क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष श्री अवधेश सिंह भी मौजूद रहे।

🚨 फर्जी दस्तावेजों का जाल और पहचान बदलने का खेल
सामाजिक संगठनों द्वारा पेश किए गए तथ्यों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। उनके अनुसार:
📌 23 अप्रैल 2023 को पश्चिम बंगाल के मुस्लिम मैरिज रजिस्ट्रार द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र में युवती का नाम “सोना मेमन” दर्ज किया गया।
📌 महज एक दिन बाद, 24 अप्रैल 2025 को प्रस्तुत दस्तावेज़ में उसी युवती का नाम फिर से “शोभा सिंह” दर्शाया गया।
हिन्दू संगठनों का आरोप है कि यह सब एक पूर्व-नियोजित षड्यंत्र है, जिसके तहत युवती की पहचान बदली गई, फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उसे मानसिक दबाव डालकर धर्मांतरण कराया गया।
⚡ हिंदू संगठनों का आरोप – “आस्था और संस्कृति पर हमला”
राजपूत क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष श्री अवधेश सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
> “यह केवल एक युवती को धोखा देने का मामला नहीं है, बल्कि यह हिंदू समाज की बेटियों की अस्मिता पर सीधा हमला है। आरोपी तौसीफ मेमन ने योजनाबद्ध तरीके से पहचान बदलने, फर्जी कागजात बनाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है। हम इस तरह के षड्यंत्र को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
🔴 FIR और उच्च स्तरीय जांच की मांग
हिन्दू जागरण मंच और अन्य संगठनों ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखीं:
✅ आरोपी तौसीफ मेमन और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी, षड्यंत्र, और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में तत्काल FIR दर्ज हो।
✅ विवाह प्रमाणपत्र जारी करने में शामिल पश्चिम बंगाल और कोरबा के अधिकारियों की गहन जांच हो।
✅ आरोपी पर धर्मांतरण के लिए मानसिक दबाव और देशद्रोह जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर मुकदमा चलाया जाए।
✅ पीड़िता और उसके परिजनों को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए।
⚡ एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
हिन्दू संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो कोरबा समेत पूरे छत्तीसगढ़ में जोरदार आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है और सामाजिक संगठन इसके लिए एकजुट हो चुके हैं।

📜 ज्ञापन सौंपा, न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक और न्यायालय को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं बल्कि हिंदू समाज और संस्कृति की रक्षा का प्रश्न है।
👁️🗨️ प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में
अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस चुप्पी ने ही लोगों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। हालांकि सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने दस्तावेजों की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है और शीघ्र ही कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
हिन्दू जागरण मंच, सीसी
राजपूत क्षत्रिय समाज, कोरबा (छ.ग.)
📢 विशेष टिप्पणी:
इस मामले ने न सिर्फ कोरबा बल्कि पूरे प्रदेश में धार्मिक और सामाजिक माहौल को झकझोर दिया है। हिन्दू संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया और प्रशासन की धीमी कार्रवाई ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या कोरबा में लव जिहाद जैसे मामलों के खिलाफ समय रहते कठोर कदम उठाए जाएंगे?


