“शिक्षा का उत्सव बना सेजस चैतमा का शाला प्रवेश समारोह, डॉ. पवन सिंह ने बच्चों को किया प्रेरित”




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा, 03 जुलाई 2025। सेजस चैतमा में संकुल स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. पवन सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में राजलाल सिन्द्रम (सरपंच), सुकालू प्रजापति (उपसरपंच), शिवलाल पटेल (शाला विकास समिति अध्यक्ष), अमरनाथ कैवर्त, धनेश्वरी सिन्द्रम, डी.के. आदिले, रंजीता अनंत, पदमा पटेल, डॉ. जायसवाल, अब्दुल अजीज, जय प्रकाश प्रजापति एवं शीतल शर्मा मंचासीन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संकुल प्रभारी प्राचार्य चंद्राणी सोम ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद कक्षा पहली, पाँचवीं और नवमी के नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, पुष्पमालाओं से स्वागत कर, मिठाई खिलाकर और पाठ्य सामग्री व पूर्ण ड्रेस प्रदान कर अभिनंदन किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. पवन सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा, “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वही दहाड़ेगा। शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मूल अधिकार है और छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि हर बच्चा विद्यालय से जुड़े।” उन्होंने कहा कि “शाला प्रवेश उत्सव” केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि शिक्षा का उत्सव है, जो बच्चों में जागरूकता पैदा करता है और अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा में भागीदार बनाता है।

सरपंच राजलाल सिन्द्रम ने कहा कि यह आयोजन सुनिश्चित करता है कि कोई बच्चा विद्यालय से वंचित न रह जाए। उपसरपंच सुकालू प्रजापति ने बताया कि संकुल स्तर पर शाला प्रवेश उत्सव मनाने से क्षेत्र की सभी प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं की सहभागिता बढ़ती है और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनता है।
डी.के. आदिले, अमरनाथ कैवर्त एवं डॉ. जायसवाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन शिक्षा को जनआंदोलन का रूप देते हैं। इनसे एक सशक्त, शिक्षित और समृद्ध राष्ट्र की नींव रखी जा सकती है।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने डॉ. पवन सिंह के समक्ष मिडिल स्कूल चैतमा में अन्यत्र पदस्थ शिक्षकों की वापसी, सेजस चैतमा में हिंदी व गणित विषय के शिक्षकों की कमी, भृत्य की आवश्यकता, दो वर्षों से अधूरे भवन निर्माण तथा जर्जर पारा भवनों की समस्या रखी और त्वरित समाधान की मांग की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम अधिकारी वीरेन्द्र कुमार बंजारे और स्वयंसेवकों के सहयोग से “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया गया। इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पालकगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


