“आद्य पत्रकार” देवर्षि नारद आज भी पत्रकारिता के आदर्श प्रतीक — पत्रकारों के आइकॉन हैं : शशांक शर्मा




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा, 28 जून 2025 — विवेकानंद सेवा सदन में शनिवार को देवर्षि नारद पत्रकारिता सम्मान समारोह का भव्य आयोजन हुआ। यह गरिमामयी कार्यक्रम देवर्षि नारद जयंती समिति, जिला कोरबा के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसका विषय था — “डिजिटल क्रांति और नागरिक पत्रकारिता”। कार्यक्रम में जिलेभर के पत्रकारों, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

समारोह के मुख्य अतिथि नगर निगम कोरबा के आयुक्त आशुतोष पांडेय रहे, जिन्होंने प्रशासनिक सेवा में आने से पूर्व अपने सक्रिय पत्रकारिता अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि पत्रकारिता समाज का वह दर्पण है, जो आमजन की आवाज़ को न केवल पहचान देता है, बल्कि शासन-प्रशासन को दिशा भी देता है।

मुख्य वक्ता के रूप में साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “देवर्षि नारद भारतीय पत्रकारिता के आदि स्रोत, प्रथम पत्रकार और संवाद के युगदृष्टा हैं। उनका संवाद सत्य, धर्म और लोक कल्याण पर आधारित था। आज के युग में जब पत्रकारिता कई धाराओं में विभाजित हो चुकी है, ऐसे समय में देवर्षि नारद एक मार्गदर्शक आइकॉन के रूप में पत्रकारों के लिए प्रेरणा हैं।”
श्री शर्मा ने आगे कहा कि “जिस अधिकारी के भीतर एक पत्रकार जीवित हो, वह जनता के दर्द और ज़रूरतों को न केवल समझता है बल्कि समाधान की ओर अग्रसर भी होता है। नगर निगम कोरबा के आयुक्त आशुतोष पांडेय ऐसे ही ऊर्जावान और संवेदनशील अधिकारी हैं, जिन्हें शहर में अब तक के सबसे कर्मठ और जनहितैषी प्रशासक के रूप में देखा जा रहा है।”
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार जसराज जैन, दैनिक छत्तीसगढ़ गौरव के संपादक किशोर शर्मा, गेंदलाल शुक्ल, मनोज शर्मा, कमलेश यादव, तरुण मिश्रा, पवन सिन्हा, विकास पाण्डेय, रेणु जायसवाल, लालिमा शुक्ला, नीलम पड़वार, जितेंद्र डैक्सैना, चंद्र श्रीवास, बृजबाला सहित अनेक पत्रकारगण उपस्थित रहे।
आयोजन समिति की ओर से प्रचार प्रमुख किशोर बुटोलिया, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक तिवारी, हेमंत माहुलिकर, राजकुमार ठाकुर, रोहित मिश्रा, अनुभव तिवारी और अशोक पाल की विशेष सहभागिता रही।
कार्यक्रम ने न केवल देवर्षि नारद के आदर्शों को याद किया, बल्कि पत्रकारिता के बदलते स्वरूप में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना पर भी सार्थक विमर्श प्रस्तुत किया।



