कोरबा: ग्रीन जोन में फिर शुरू हुआ अवैध कब्जे और पेड़ों की कटाई का खेल




रातों-रात गिराई जा रही रेत-गिट्टी, मिक्चर मशीन और बीम देख निर्माण की पुष्टि
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा अंचल के हैलीपेड क्षेत्र स्थित ग्रीन जोन नर्सरी में इन दिनों पर्यावरण के प्रति भारी लापरवाही और कानून को ठेंगा दिखाने वाली गतिविधियाँ जोरों पर हैं। जिस क्षेत्र को हरियाली और पर्यावरण संतुलन के उद्देश्य से संरक्षित किया गया था, वहां अब रात के अंधेरे में हरे-भरे पेड़ों की कटाई और अवैध निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। रात के समय बड़ी मात्रा में रेत, गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री ट्रकों के माध्यम से गिराई जा रही है। मौके पर मिक्चर मशीन और लोहे के बीम भी देखे गए हैं, जो स्पष्ट संकेत हैं कि यहां स्थायी निर्माण की तैयारी चल रही है।
कानून की अनदेखी, पर्यावरण पर हमला
यह इलाका नगर निगम द्वारा ‘ग्रीन जोन’ के तहत संरक्षित है, जहाँ किसी भी प्रकार के निर्माण को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद, नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सिर्फ अवैध कब्जा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश है जिससे शहर की हरियाली पर खतरा मंडरा रहा है।
पूर्व में भी हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले भी पूर्व वार्ड पार्षद और वर्तमान पार्षद पति शैलेन्द्र सिंह पप्पी द्वारा अवैध कब्जे के खिलाफ आवाज उठाई गई थी। उनकी शिकायत पर नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की थी और निर्माण सामग्री हटवाई गई थी। लेकिन अब एक बार फिर उसी स्थान पर अवैध गतिविधियाँ शुरू हो चुकी हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कड़ी कार्यवाही नहीं की, तो कोरबा का यह ग्रीन जोन धीरे-धीरे कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो जाएगा।
तत्काल कार्रवाई हो
जागरूक नागरिकों की मांग है कि इस अवैध निर्माण को तुरंत रोका जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और ग्रीन जोन की रक्षा के लिए स्थायी निगरानी की व्यवस्था की जाए।


