सुशासन तिहार 2025: जनविश्वास की नई इबारत, योजनाओं की लोकप्रियता पर जनता की मुहर




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा धमतरी ****/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप “संवाद से समाधान तक” की अवधारणा को साकार करने के लिए सुशासन तिहार 2025 अभियान प्रारंभ किया गया है। यह अभियान तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है— पहले चरण में जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, जरूरतें और शिकायतें प्राप्त करना, दूसरे चरण में इन आवेदनों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निराकरण, और तीसरे चरण में समाधान की जानकारी पुनः जनता तक पहुंचाना।
धमतरी जिला इस अभियान में राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल है, जहां सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। अब तक जिले में कुल 2,27,931 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से महज 4,601 आवेदन शिकायतों से संबंधित हैं, जबकि शेष 98 प्रतिशत आवेदन सरकारी योजनाओं से लाभान्वित होने की मांग से जुड़े हैं। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि सरकार के प्रति जनता का विश्वास बढ़ा है और योजनाओं की स्वीकारोक्ति जमीन पर स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है।
इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आवेदन
वरिष्ठ पत्रकारों और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा भी ग्राम सुराज, भेंट-मुलाकात और लोक सम्पर्क अभियानों के माध्यम से जनता से संवाद किया गया था, परंतु इतनी बड़ी संख्या में कभी भी आवेदन प्राप्त नहीं हुए थे। यह बदलाव सुशासन तिहार की प्रभावशीलता और वर्तमान सरकार की नीतियों में लोगों की भागीदारी को सिद्ध करता है।
आंकड़ों में सुशासन की सच्चाई
धमतरी जिला प्रशासन ने अब तक 2,22,811 आवेदनों का निराकरण कर लिया है, जिसमें 4,138 शिकायतें और 2,18,673 मांग संबंधी आवेदन शामिल हैं। यह न केवल प्रशासन की तत्परता दर्शाता है, बल्कि जनता और सरकार के बीच बढ़ते संवाद और पारदर्शिता का भी प्रमाण है।
जन योजनाओं की बढ़ती स्वीकारोक्ति
मांग वाले आवेदनों में महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, कृषि यंत्र, मातृ वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना, पशुपालन, मत्स्य पालन, लघु उद्योग, श्रम कार्ड आदि योजनाओं के लाभ के लिए आवेदन शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में इन योजनाओं के लिए आवेदन यह दर्शाता है कि ये योजनाएं आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।

सुशासन तिहार से मिले संकेत
इस अभियान ने सरकार को यह स्पष्ट संकेत दिया है कि लोगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाली योजनाएं सबसे अधिक प्रभावशाली हैं। किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और समाज के वंचित वर्गों को समर्पित योजनाएं ही राज्य को समावेशी विकास की दिशा में ले जाएंगी। इस दिशा में राज्य शासन आवेदनों के विश्लेषण के आधार पर नई योजनाएं और नीति-निर्माण की दिशा में कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री की सक्रिय भूमिका
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं सुशासन तिहार के तीसरे चरण में गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद करेंगे, उनके अनुभव जानेंगे और मौके पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे। उच्चस्तरीय बैठकों में आवेदनों की समीक्षा कर नई विकास योजनाओं की शुरुआत की जाएगी, जिससे राज्य के प्रत्येक वर्ग को लाभ मिल सके।
90 प्रतिशत गारंटियों की पूर्ति, जनता का बढ़ा विश्वास
विष्णु देव सरकार ने डेढ़ साल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 90% गारंटियों को धरातल पर उतारा है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति, आधुनिक क्षेत्रों में रोजगार सृजन, और आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण की योजनाएं सरकार के प्रति युवाओं और आम जनता का विश्वास और समर्थन मजबूत कर रही हैं।
निष्कर्षतः, सुशासन तिहार केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच भरोसे का सेतु बन गया है। यह प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में उठाया गया एक सशक्त कदम है, जो विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
(जिला जनसम्पर्क कार्यालय, धमतरी द्वारा प्रदत्त विशेष आलेख)


