“एनटीपीसी और नगर निगम कोरबा में हुआ ऐतिहासिक करार: ₹111 करोड़ की लागत से बनेगा तृतीयक सीवेज जल शोधन संयंत्र”




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा शहर में जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को एक नई दिशा देते हुए एनटीपीसी कोरबा और नगर निगम कोरबा के बीच तृतीयक सीवेज जल शोधन संयंत्र (Tertiary Sewage Water Treatment Plant) की स्थापना हेतु स्मृति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना छत्तीसगढ़ राज्य में जल पुनः उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।
इस अत्याधुनिक संयंत्र की स्थापना के लिए एनटीपीसी कोरबा ने ₹111 करोड़ की वित्तीय प्रतिबद्धता जताई है। इस संयंत्र से शुद्ध किया गया जल एनटीपीसी के औद्योगिक उपयोगों जैसे प्लांट संचालन एवं कूलिंग में प्रयुक्त किया जाएगा, जिससे न केवल जल की बचत होगी, बल्कि यह पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में भी एक ठोस कदम होगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
- छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी शहर द्वारा सीवेज जल का पुनः उपयोग।
- पर्यावरणीय संरक्षण और जल संसाधनों के टिकाऊ उपयोग की दिशा में बड़ा कदम।
- उद्योग और नगर निगम के सहयोग से शहरी विकास में नवाचार।
इससे पूर्व, एनटीपीसी कोरबा द्वारा ₹14 करोड़ से अधिक की राशि नगर निगम को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) हेतु दी जा चुकी है। यह सहयोग निगम के साथ उसकी दीर्घकालिक साझेदारी और सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में उपस्थिति:
- नगर निगम कोरबा की ओर से:
- श्रीमती संजू देवी, महापौर
- श्री अशुतोष पांडेय, आईएएस, आयुक्त
- निगम के वरिष्ठ अधिकारीगण
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एनटीपीसी कोरबा की ओर से:
- श्री राजीव खन्ना, कार्यकारी निदेशक (ईडी)
- श्री शशि शेखर, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन)
- श्री मनोज कुमार राजक, अपर महाप्रबंधक (टीएस)
- श्री शैलेन्द्र यादव, उप महाप्रबंधक (पीएंडएस)
- श्री जीवराज जाट, उप महाप्रबंधक (एफईएस)
- श्री शशांक छाजेड़, वरिष्ठ प्रबंधक (एचआर)
निष्कर्ष:
एनटीपीसी और नगर निगम कोरबा के बीच यह साझेदारी जल पुनर्चक्रण और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करती है। इससे न केवल उद्योगों को जल की वैकल्पिक व्यवस्था मिलेगी, बल्कि शहरी क्षेत्र में भी जल संरक्षण की जागरूकता को बल मिलेगा।


