अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सद्भावना सम्मान समारोह सम्पन्न, 108 महिलाओं और 51 संस्थाओं को किया गया सम्मानित




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***/ रायपुर, 8 मार्च 2025: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के वृंदावन हॉल में छत्तीसगढ़ महिला दिवस के तहत लाहोटी मित्र मंडल द्वारा सद्भावना सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 108 महिलाओं और 51 सेवाभावी संस्थाओं को सम्मानित किया गया।
“सुयश महिला प्रतिभा सम्मान” से सम्मानित हुईं डॉ. अंजना सिंह
इस विशेष अवसर पर कोरबा की जानी-मानी अंतर्राष्ट्रीय कवित्री डॉ. श्रीमती अंजना सिंह को “सुयश महिला प्रतिभा सम्मान” से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया।
कार्यक्रम के आयोजक डॉ. मनोज लाहोटी (डायरेक्टर, सुयश हॉस्पिटल रायपुर) और डॉ. श्वेता लाहोटी की अगुवाई में यह आयोजन भव्य रूप से सम्पन्न हुआ।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से –
- श्रीमती सविता जग्गी (विशेष अतिथि)
- समाजसेवी रविंद्र सिंह
- श्री नंदकुमार वर्मा
- धर्मेंद्र दुर्गा जी
- हीरानंद दुल्हनी जी
- श्री राजेंद्र सेठिया जी
इन गणमान्य अतिथियों ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन और आयोजन समिति
इस भव्य आयोजन का सफल संचालन संस्था के संरक्षक छबि लाल सोनी जी और संयोजक लक्ष्मीनारायण लाहोटी जी ने किया।
रायपुर के कई गणमान्य नागरिकों ने भी इस आयोजन में भाग लिया और महिलाओं की उपलब्धियों को सराहा।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल
इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के योगदान को पहचान देने के साथ ही उनके प्रयासों को और अधिक प्रोत्साहन देने की पहल की गई।
समारोह में उपस्थित अतिथियों ने कहा –
“महिलाएं समाज का आधार हैं, और उनके योगदान के बिना प्रगति संभव नहीं है। इस प्रकार के आयोजनों से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा।”
समापन और भविष्य की पहल
कार्यक्रम के समापन पर सभी सम्मानित महिलाओं और संस्थाओं को शुभकामनाएँ दी गईं और भविष्य में इसी तरह के आयोजनों को बढ़ावा देने की बात कही गई।
इस आयोजन ने न केवल महिलाओं के प्रयासों को मान्यता दी, बल्कि समाज में सद्भावना, समानता और महिला सशक्तिकरण के संदेश को भी मजबूती दी।


