बड़ा जनादेश, बड़ी जिम्मेदारी – अनुराग अग्रवाल



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा रायपुर ****। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत किए गए बजट 2025-26 की सराहना करते हुए वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि यह बजट प्रदेश के किसानों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों, कर्मचारियों, व्यापारियों और पत्रकारों सहित सभी वर्गों के समग्र विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जब जनादेश बड़ा होता है, तो जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं, और इस बजट में उन जिम्मेदारियों को निभाने का पूरा प्रयास किया गया है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल ने इस बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रदेश में आधारभूत संरचना के विकास को प्राथमिकता देने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं के सपनों को साकार करने वाला होगा, क्योंकि रायपुर में NIFT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना हो रही है। साथ ही, कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज, 12 नर्सिंग कॉलेज, 8 फिजियोथेरेपी कॉलेज और तकनीकी विश्वविद्यालय का उन्नयन शिक्षा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार नई सड़कों के निर्माण के लिए ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि रखरखाव के लिए ₹20 करोड़ का बजट रखा गया है। साथ ही, सीएम रिंग रोड योजना भी शुरू की जाएगी, जिससे राज्य में यातायात और संपर्क बेहतर होगा।
श्री अग्रवाल ने बताया कि 14 नगर निगमों के विकास के लिए विशेष योजना बनाई गई है, जिससे नगरीय क्षेत्रों का तेजी से विस्तार होगा। रायपुर-दुर्ग मेट्रो परियोजना की आधारशिला रखी जाएगी, जिससे शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही, मुख्यमंत्री टॉवर योजना और एससीआर (स्टेट कैपिटल रीजन) मॉडल को लागू किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ के शहरी विकास को नया आयाम मिलेगा।
उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा को राजभाषा का दर्जा देने के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करेगा। इसके अलावा, उद्योग विभाग का बजट दोगुना किए जाने का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि अब जिलों की जीडीपी की गणना की जाएगी, जिससे आर्थिक नीतियों को और सुदृढ़ किया जा सकेगा। खाद्य प्रसंस्करण और फूड पार्क के लिए ₹17 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो कृषि और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करेगा।
यह बजट छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, आर्थिक मजबूती और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



