कोरबा में फर्जी सिम कार्ड गिरोह का भंडाफोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा: जिले की पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी मोबाइल सिम जारी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध रूप से फर्जी सिम कार्ड तैयार कर उन्हें साइबर अपराधियों को बेचते थे। इन सिम कार्डों का उपयोग धोखाधड़ी और अन्य अवैध गतिविधियों में किया जाता था।
तरीका: फिंगर स्कैनर से जारी होते थे फर्जी सिम
गिरफ्तार आरोपियों से 7 मोबाइल फोन, 1 फिंगर स्कैनर और 53 ब्लैंक सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। ये आरोपी फिंगर स्कैनर का उपयोग कर एक ही व्यक्ति के फिंगरप्रिंट को धोखे से तीन-चार बार स्कैन करते थे और कई सिम कार्ड जारी कर लेते थे। इसके बाद ये फर्जी सिम मोटी रकम में साइबर अपराधियों को बेचते थे। प्रारंभिक जांच में करीब 2,000 फर्जी सिम जारी करने और बेचने की जानकारी सामने आई है।
कैसे हुआ खुलासा?
कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर साइबर प्रभारी रविंद्र कुमार मीणा एवं सीएसपी दर्री विमल कुमार पाठक के नेतृत्व में कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी की टीम ने कटघोरा पुलिस और साइबर सेल के संयुक्त अभियान के तहत मोबाइल सिम विक्रेताओं और एजेंटों की जांच की। जांच के दौरान कटघोरा, छुरी, धवईपुर और डुडगा समेत अन्य इलाकों से 8 कथित आरोपियों को पकड़ा गया।
आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध धारा 318(4), 336(3), 340(2), 316(5), 3(5) BNS एवं 66(C) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस की अपील: सतर्क रहें, जागरूक बनें
कोरबा पुलिस ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि अपने आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध मोबाइल सिम विक्रेता को न दें। यदि कोई आपसे आधार कार्ड या बायोमेट्रिक डेटा लेकर मोबाइल सिम जारी करने की कोशिश करता है, तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें।
फर्जी सिम कार्डों का उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा किया जाता है, जिससे आम नागरिक ठगी का शिकार हो सकते हैं। इसलिए सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
यह कार्रवाई कोरबा पुलिस की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिससे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।



