मुराई कछार शिव मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी पर उमड़ी आस्था
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हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर मांगी सुख-समृद्धि
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// जवाली। सावन माह के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के पावन अवसर पर मुराई कछार स्थित शिव मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक एवं दर्शन किए और अपने परिवार तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, वैभव, खुशहाली एवं शांति की कामना की।
सावन सोमवार के चलते मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से आसपास का क्षेत्र गूंजता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भगवान शिव के दर्शन किए। कई श्रद्धालु जोड़ों के रूप में भी मंदिर पहुंचे और भोलेनाथ के समक्ष शीश नवाकर परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना की। इनमें नितेश-जानकी, राहुल-छोटी, हेमलाल-पदमा, राम-बारी, दीपक-तीजबाई तथा पवन-पुष्पा सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे।
श्रद्धालुओं के लिए की गई प्रसादी की व्यवस्था
पावन अवसर पर श्रद्धालुओं एवं भक्तों के सहयोग से प्रसादी वितरण की विशेष व्यवस्था की गई। प्रसादी दान एवं आयोजन में अंकित अग्रवाल (मोंटू सेठ), मनोज कुर्रे, भोलू प्रजापति, वीरेंद्र नामदेव, पूरन पटेल एवं राजाराम का विशेष सहयोग रहा।

वहीं दुलहीकछार निवासी मानु भाई पटेल की ओर से बूंदी एवं नारियल प्रसादी के लिए प्रदान किया गया। ढेलवाडीह-मोहनपुर के अर्पण युगल परिवार द्वारा भी श्रद्धाभाव से प्रसादी उपलब्ध कराई गई और मुख्य मार्ग से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं एवं राहगीरों को प्रसाद वितरित किया गया।
प्रसादी वितरण एवं व्यवस्था में युवा कार्यकर्ताओं मनोज कुमार पटेल, राहुल एवं महिपाल सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की और आयोजन को व्यवस्थित एवं सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
चारों दिशाओं में धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालु
सावन सोमवार के अवसर पर क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु अलग-अलग धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए भी रवाना हुए। पाली चैतुरगढ़ के शंकरखोला मंदिर में दर्शन के लिए सड़कपारा की महिलाओं का दल पहुंचा। वहीं बाजारपारा के युवा साथियों का दल अमरकंटक के महादेव मंदिर के दर्शन के लिए गया।
इसी प्रकार खालेपारा से श्रद्धालुओं का दल कनकी स्थित कनकेश्वर धाम पहुंचा, जबकि मुख्य मार्ग के श्रद्धालु भक्तगण चंद्रपुर स्थित मां चंद्रहासिनी मंदिर के दर्शन के लिए रवाना हुए। धार्मिक आस्था से ओतप्रोत इन यात्राओं ने पूरे क्षेत्र को शिवभक्ति और देवी-देवताओं की आराधना के रंग में रंग दिया।
सोशल मीडिया के माध्यम से भक्तों तक पहुंचा आमंत्रण
मुराई कछार शिव मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम एवं प्रसादी वितरण की जानकारी विभिन्न ग्रुपों के माध्यम से श्रद्धालुओं तक पहुंचाई गई। आमंत्रण और सूचना के बाद बड़ी संख्या में भक्तजन मंदिर पहुंचे और आयोजन में सहभागी बने। मंदिर के ऊपर जवाली-ढेलवाडीह मुख्य मार्ग पर भी प्रसादी वितरण के दौरान श्रद्धालुओं एवं राहगीरों की अच्छी-खासी सहभागिता रही।
अंतिम सावन सप्ताह को लेकर बढ़ा उत्साह
आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा, सेवा और उत्साह का माहौल बना रहा। आयोजकों ने पूजा-अर्चना, प्रसादी दान, सेवा कार्य एवं व्यवस्था में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, दानदाताओं और युवा कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि सामूहिक सहयोग, सेवा भावना और धार्मिक आस्था से ऐसे आयोजनों की गरिमा और बढ़ जाती है। सावन के अंतिम सप्ताह में भी धार्मिक आयोजन अपने चरम पर पहुंचने की उम्मीद है और आने वाले दिनों में मुराई कछार शिव मंदिर सहित क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का उल्लास और अधिक दिखाई देगा।
मुराई कछार का शिव मंदिर सावन के इस पावन अवसर पर केवल पूजा-अर्चना का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता, सेवा और सामूहिक धार्मिक आस्था का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभरा।







