दीपका नगर पालिका परिषद में जल आवर्धन योजना में भ्रष्टाचार के लगे आरोप



* मामले की जांच के लिए होगी समिति गठित
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा। ***/-पश्चिम क्षेत्र में दीपका नगर पालिका परिषद में जल आवर्धन योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने के आरोप लगे हैं। नागपुर की एक निजी कंपनी को इस कार्य के लिए एजेंसी बनाया गया था।
इस योजना के तहत लगभग 9 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से लगभग 7 करोड़ रुपये का भुगतान संबंधित निजी कार्य एजेंसी को किया जा चुका है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि योजना का लाभ अब तक उन्हें नहीं मिल पाया है। आरोप लगाते हुए बताया जा रहा हैं की जिन स्थानों पर पाइप लाइन बिछाने का काम दर्शाया गया है, वहां वास्तव में कोई काम नहीं हुआ है। इस मामले में तत्कालीन सीएमओ और एक इंजीनियर का नाम सामने आ रहा है।
अपुस्ट जानकारी के अनुसार जल्द ही एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जा सकती है। इसमे और खुलासे हो सकते है। विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में ताबड़तोड़ कार्यवाही हो रही है और दोषी दंडित हो रहे है। ऐसे में पूरी संभावना है कि बोगस काम से जुड़े अधिकारी शायद ही बच सकेंगें।
जानकारी के अनुसार जल आवर्धन के इस काम को पिछले 3 साल से किया जा रहा था। नगर पालिका के कुल 20 वार्ड है जिनमें से 9 वार्ड एसईसीएल के अंतर्गत आते है। वहां की मूलभूत सुविधा की जिम्मेदारी एसईसीएल की है। योजना का काम केवल 11 वार्ड में एजेंसी को करना था। प्रदेश सरकार क्रियान्वयन के लिए 9 करोड़ रूपये मंजूर किये थे। आधा अधूरा काम करने से जनता को कोई लाभ नहीं मिला। बताया गया कि ठेका एजेंसी पर अब कार्यवाही हो सकती है।

