कोरबा बारिश का पानी रोक भू-जल स्तर बढ़ाने किया जा रहा प्रयास



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा-चांपा मार्ग में बसे करतला ब्लॉक के ग्राम मड़वारानी के आसपास 17 से अधिक ग्राम ड्राई जोन के अंतर्गत आते हैं। इससे यहां के ग्रामीण बारिश के पानी को रोक भू-जल स्तर बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच अभी खेरीमाला नाला पर चेकडैम बनाने में ग्रामीण जुटे हैं।
इससे भू-जल स्तर बढ़ाने व मिट्टी का कटाव रोकने में मदद मिलेगी। मड़वारानी के किनारे बसे ग्राम पंचायत पुरेना व खरहरी में पहले गर्मी के समय हैंडपंप और कुएं सूख जाते थे। इसी वजह से ग्रामीण वाटरशेड कमेटी बना बारिश के पानी को रोक भू-जल स्तर बढ़ाने के प्रयास में हैं। इनके प्रयास को देख नाबार्ड सहयोग कर रही है।
ग्राम मड़वारानी पहाड़ के नीचे भी कई नाले हैं। इसमें बारिश का पानी तेज गति से बहते हुए अपने साथ मिट्टी भी बहा ले जाता है। इसके अलावा पानी बहकर नदी में चला जाता है। इसे रोकने तीन स्थानों पर चेक डैम और पत्थर का गेबियन बनाया जा रहा हैं। कमेटी के अध्यक्ष रामानुज कौशिक का कहना है कि इससे आने वाले दिनों में 220 एकड़ से अधिक जमीन सिंचित होगी। खेतों में भी पानी रुकेगा। इससे फसल भी बेहतर होगी। इसलिए ग्रामीण गर्मी में भी चेकडैम बनाने सहयोग करने आगे आ रहे हैं। निर्माण कार्यों में तकनीकी सहयोग कर रही सीमा पोर्ते में बताया कि इस क्षेत्र का भू-जल स्तर बारिश के पानी के ट्रीटमेंट से 1.5 से 2 मीटर बढ़ा है। इसे और बढ़ाने के लिए ही पहाड़ के नीचे काम कराया जा रहा है।
बारिश के बाद जांच करेंगे कि कितना बढ़ा भू-जल स्तर पहाड़ के पानी को रोक जांच करेंगे कि इससे कितना वाटर लेवल रिचार्ज हुआ। इसके बाद आगे भी गेबियन बनाएंगे। पहले पानी को रोकने मेड़बंदी का काम यहां हुआ था। इससे कई क्षेत्रों में भू-जल स्तर को बढ़ाने में मदद भी मिली है।
जल संसाधन विभाग ने मड़वारानी पहाड़ के नीचे ही कोथारी जलाशय का निर्माण कराया है। इसमें गर्मी के समय पानी ही नहीं रुकता। इस वजह से जलाशय को ग्राम पंचायत को सौंप दिया है। इसे देखते हुए ही ग्रामीण अब वाटरशेड कमेटी के माध्यम से छोटे-छोटे स्ट्रक्चर बनाकर बारिश के पानी को रोक रहे हैं।

