July 1, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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कोरबा  आईटी कॉलेज कोरबा के अधिकारी/कर्मचारी पुन: महाविद्यालय के शासकीयकरण प्रस्ताव को लेकर कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन के पास पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
बीते तीन-चार वर्षों से महाविद्यालय के कर्चारी दर-बदर हो रहे हैं। शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। कभी वेतन की समस्या, तो कभी शासकीयकरण न होने की समस्या से जूझ रहे हैं। आरोप लगाते हुए कहा जा रहा हैं की औद्योगिक संस्थानों ने भी अपने वायदे पूरे नहीं किये। जो राशि इन संस्थानों द्वारा आईटी कॉलेज कोरबा को मिलने थे, वो अप्राप्त है।
कर्मचारियो का कहना है कि वित्तीय संकटों से जूझ रहा महाविद्यालय न्याय की तलाश में है। जिले में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो गयी, पर एक शासकीय तकनीकी महाविद्यालय जिले को प्राप्त नहीं हो पाया है। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद एक भी शासकीय इंजीनियरिंग तकनीकी महाविद्यालय की स्थापना कोरबा जिले में नहीं की गयी है। अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान सन् 1983 में एक ही शासकीय महाविद्यालय की स्थापना हुई है। वर्तमान में मात्र 3 शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय हैं। प्रवेश के दौरान छात्र-छात्रायें शासकीय महाविद्यालयों को पहले प्राथमिकता देते हैं। बाद में निजी महाविद्यालय। कोरबा जिला, आदिवासी बहुल अंचल क्षेत्र है। यदि यहां शासकीय इंजीनियरिंग तकनीकी महाविद्यालय उपलब्ध हो जाए, तो शत्-प्रतिशत प्रवेश प्रक्रिया में वृद्धि होगी।

 

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