August 23, 2026

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कोरबा श्रमिको के एरियर के रुके भुगतान पर माननीय न्यायाधीश ने रखा फैसला सुरक्षित

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कोरबा  29 अगस्त को उच्च न्यालय जबलपुर मे राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता 11वां के विरोध मे कोल इण्डिया के अधिकारियो द्वारा लगाई गयी याचिका पर लंच के पहले 2 घंटे एवं लंच के बाद 1 घंटे कुल 3 घंटे की लंबी बहस हुई। अधिकारियो एवं उनके अधिवक्ता द्वारा कहा गया कि E1 से लेकर E3 ग्रेड के अधिकारियो को टेक्निकल सुपरवाईजरी ग्रेड A एवं A1 ग्रेड से कम वेतन मिल रहा है अधिकारी हतोत्साहित हो रहे है इसलिये मजदूरों के वेतन समझौते पर रोक लगाते हुये एरियर भुगतान पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाये।
कोयला मजदूरो के तरफ पक्षकार बने कोयला मजदूर सभा (एचएमएस) के महामंत्री जेबीसीसीआई सदस्य नाथूलाल पाण्डेय ने इस पर कडी़ आपत्ति जताते हुये कहा कि “अधिकारियों द्वारा तर्कहीन व तथ्यहीन काल्पनिक बाते रखी गई है। सक्षम अधिकारी न्यायालय को यह बतलाये कि किस अधिकारी को कर्मचारी से कम वेतन मिला है उस अधिकारी, कर्मचारी का नाम बतलाये।” इस बात का अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। श्री पाण्डेय द्वारा आगे कहा गया की “अधिकारियो के वेतन की तुलना मजदूरो के वेतन से किसी प्रकार से नही हो सकती है। अधिकारियों का वेतन समझौता 10 वर्ष के लिये तथा कर्मचारियों का 5 वर्ष के लिये होता है। कर्मचारियो के वेतन समझौते एवं एरियर्स पेमेन्ट पर रोक लगाने का प्रश्न ही नही उठता है। अतः अधिकारियों द्वारा लगाई गयी याचिका को खारिज किया जाय।
माननीय न्यायालय द्वारा नाथूलाल पाण्डेय से कहा गया कि बाकी यूनियनो को जब कोई आपत्ति नही है तो आप अकेले क्यो पक्षकार बने है इस पर  पाण्डेय द्वारा कहा गया हम मजदूर नेता है और मजदूरों के प्रति हमारे यूनियन का क्या कर्तब्य एवं दायित्व है हम भलीभांति जानते है इसलिये पक्षकार बने हैं। माननीय न्यायाधीश द्वारा दोनो पक्षों की बातो पर गौर करते हुये फैसला सुरक्षित रख लिया गया। जो जल्द आने की संभावना है।

 

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