सरदार पटेल की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति ने गढ़ा अखंड भारत का स्वरूप : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुख्यमंत्री ने लौह पुरुष को किया नमन, बोले– देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनाए रखना ही सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। भारत की एकता और अखंडता को मजबूत आधार देने वाले लौह पुरुष, भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन में उन्होंने सरदार पटेल के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके अतुलनीय राष्ट्रनिर्माण योगदान का स्मरण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की एकता और अखंडता के प्रमुख शिल्पकार थे। आजादी के बाद देश की सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर उन्होंने बिखरे हुए भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनका अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने हर परिस्थिति में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। उनका जीवन हमें सिखाता है कि मजबूत इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और सामूहिक प्रयासों से कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरदार पटेल के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाया जा रहा है। देश सुशासन, विकास और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल महान विभूति को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता के प्रति अपनी जिम्मेदारी दोहराने का भी दिन है। भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है। सभी वर्गों और समुदायों को एकता के सूत्र में बांधकर आगे बढ़ना ही सरदार पटेल के विचारों के प्रति सच्चा सम्मान है।
अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प के साथ सशक्त, समरस और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
