किसानों की खुशहाली के लिए साय सरकार का बड़ा दांव, ₹3100 में धान खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक का प्रावधान!
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धान खरीदी व्यवस्था में डिजिटल क्रांति का दावा, एग्रीस्टेक पंजीयन से किसानों को बड़ी राहत; अब पुराना पंजीयन मान्य, ऋण पुस्तिका समिति में लाने की भी जरूरत नहीं
रामविचार नेताम बोले—भाजपा सरकार के किसान हितैषी फैसलों ने खुशहाली का नया अध्याय रचा, 360 नए उपार्जन केंद्रों से किसानों को मिलेगी सुविधा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर, 28 अक्टूबर छत्तीसगढ़ में धान खरीदी और किसानों को आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के निर्णयों को कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसान हित में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि व्यवस्था को सरल बनाने और खेती में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के किसान हितैषी निर्णयों ने प्रदेश में खुशहाली का नया अध्याय रचा है।
एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में नेताम ने धान खरीदी, कृषक उन्नति योजना और पंजीयन व्यवस्था में किए गए बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को धान बेचने के लिए अनावश्यक प्रक्रियाओं से न गुजरना पड़े और उन्हें निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उनकी उपज का लाभ मिल सके।
15 नवंबर से धान खरीदी, 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा मूल्य
कृषि मंत्री ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर 2026 से प्रदेश के किसानों से धान खरीदी की जाएगी। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जाएगी।
सरकार के इस निर्णय को धान उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए नेताम ने कहा कि कृषक उन्नति योजना में संशोधन के माध्यम से आदान सहायता की गणना प्रति क्विंटल के स्थान पर प्रति एकड़ के आधार पर करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को प्रोत्साहन देना और कृषि कार्यों में निवेश की क्षमता बढ़ाना है।
एग्रीस्टेक पंजीयन से किसानों को बड़ी राहत, पुराना पंजीयन रहेगा मान्य
धान खरीदी व्यवस्था में इस बार पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। कृषि मंत्री के अनुसार, पिछले वर्ष एग्रीस्टेक आईडी के साथ पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे किसानों को बार-बार दस्तावेज तैयार कराने और पंजीयन संबंधी प्रक्रियाओं में लगने वाले समय से राहत मिलेगी।
एग्रीस्टेक में पंजीयन होने के कारण किसानों को धान विक्रय के लिए समिति में अलग से ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता भी नहीं होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से धान के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण किया जाएगा, जबकि वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक आधारित व्यवस्था अपनाई जाएगी।

3100 उपार्जन केंद्रों से होगी खरीदी, 360 नए केंद्र खुलेंगे
किसानों को धान बेचने में सुविधा देने के लिए सरकार ने उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। कृषि मंत्री ने बताया कि 360 नए उपार्जन केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। इसके बाद प्रदेश में कुल 3100 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की व्यवस्था की जाएगी।
नए केंद्र खुलने से खरीदी व्यवस्था का विस्तार होगा और किसानों को धान विक्रय के लिए उपलब्ध सुविधाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। मंत्री ने बताया कि समितियों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके।
खेती में आधुनिक तकनीक और बेहतर निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन
कृषक उन्नति योजना में किए गए संशोधन को कृषि मंत्री ने दीर्घकालीन कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, आदान सहायता को प्रति एकड़ के आधार पर निर्धारित करने से फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देने, किसानों की आय में सुधार करने और उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
सरकार का लक्ष्य उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नई कृषि तकनीकों में निवेश को बढ़ावा देना भी है। इससे खेती को आधुनिक बनाने और किसानों को बेहतर कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
पुराने धान के निपटान पर भी फैसला
मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अतिशेष धान के नीलामी के माध्यम से निराकरण के संबंध में मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में लिए गए निर्णय का भी अनुसमर्थन किया। इसके साथ ही खरीफ-2026 के लिए कृषक उन्नति योजना में संशोधन संबंधी कृषि विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
किसान कल्याण को बताया सरकार की प्राथमिकता
रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों को राहत देने, धान खरीदी को व्यवस्थित बनाने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार निर्णय ले रही है। उनके मुताबिक, धान का निर्धारित मूल्य, पंजीयन प्रक्रिया का सरलीकरण और उपार्जन केंद्रों का विस्तार किसानों के हित में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं।
पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर और प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ सरकार के इन फैसलों का केंद्र धान खरीदी को सरल बनाना, किसानों को निर्धारित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और कृषि व्यवस्था को अधिक आधुनिक बनाना है। अब इन घोषणाओं का वास्तविक लाभ खरीदी केंद्रों पर व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
