पर्यावरण संरक्षण से लोककला तक, बालको के सस्टेनेबिलिटी अभियान ने रचा जनभागीदारी का नया अध्याय
2,600 से अधिक लोगों की सहभागिता; 800 विद्यार्थियों ने सीखा प्रकृति बचाने और सतत विकास का महत्व
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// बालकोनगर, कोरबा। पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और सतत विकास को जनजीवन से जोड़ने की दिशा में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। सस्टेनेबिलिटी माह 2026 के तहत आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों में 2,600 से अधिक कर्मचारियों, उनके परिवारजनों, विद्यार्थियों, व्यावसायिक सहयोगियों और स्थानीय समुदाय के लोगों ने भाग लिया। पूरे महीने चले इस अभियान का समापन सस्टेनेबिलिटी कार्निवल के साथ हुआ, जहां पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय कला, संस्कृति और आजीविका को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
पौधरोपण से तालाब पुनर्जीवन तक, धरातल पर दिखी पहल
अभियान के दौरान पौधरोपण, तालाब पुनर्जीवन, सीड बॉल निर्माण और ‘मौसम का हिसाब’ नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियों के माध्यम से लोगों को प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। सुरक्षा और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रमों ने जिम्मेदार व्यवहार तथा पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया। इन आयोजनों का उद्देश्य सतत विकास को केवल चर्चा का विषय बनाने के बजाय दैनिक जीवन और कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाना रहा।

800 विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
समापन समारोह के आकर्षण रहे सस्टेनेबिलिटी कार्निवल में 800 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को कचरे का पृथक्करण, जैव विविधता संरक्षण और सीड बॉल बनाने जैसी गतिविधियों के जरिए पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर मिला। वन विभाग के सहयोग से आयोजित बागवानी जागरूकता सत्र में स्थानीय और औषधीय पौधों के महत्व की जानकारी दी गई।
मिट्टी के बर्तन और कोसा बुनाई ने जोड़ा परंपरा को टिकाऊ विकास से
कार्निवल में मिट्टी के बर्तन बनाने और कोसा बुनाई जैसी पारंपरिक गतिविधियों ने विशेष आकर्षण पैदा किया। इनके माध्यम से स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक कौशल और टिकाऊ आजीविका के बीच संबंध को सामने लाया गया। महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादक समूहों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। इससे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने, महिला उद्यमिता को मजबूती प्रदान करने और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण का संदेश भी मिला।
‘सतत विकास हमारी सोच और कार्यशैली का हिस्सा’ — राजेश सिंह
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी का वास्तविक अर्थ ऐसे निर्णय लेना है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करें। उद्योगों की जिम्मेदारी केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विकास समावेशी होने के साथ पर्यावरण के प्रति भी संवेदनशील होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बालको में सतत विकास को केवल प्रक्रियाओं और लक्ष्यों तक सीमित न रखकर सोच और कार्यशैली का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सस्टेनेबिलिटी माह इसी दिशा में लोगों को जिम्मेदार निर्णय लेने और बेहतर भविष्य के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।
छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव का संदेश
सस्टेनेबिलिटी माह 2026 के माध्यम से बालको ने अपने औद्योगिक संचालन और आसपास के समुदायों में पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अभियान ने यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा, संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से ही सतत विकास की मजबूत नींव तैयार की जा सकती है।
