September 26, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

आधी रात 3:30 बजे सांप के रेस्क्यू के लिए दौड़े जितेंद्र सारथी, महिला को अस्पताल पहुंचाने की सलाह से लेकर सियारों की खूबसूरत झलक तक… एक रात, कई संदेश

1 min read

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। रात के करीब साढ़े तीन बजे जब अधिकांश शहर गहरी नींद में था, उसी वक्त मानिकपुर क्षेत्र से आई एक फोन कॉल ने वन्यजीव रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को सक्रिय कर दिया। सामने वाले घर में सांप घुसने और बिस्तर के पास उसके मौजूद होने की सूचना थी। इतना ही नहीं, घर की महिला को सांप के काटने की आशंका ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था।
पुलिस विभाग में पदस्थ सिपाही हितेश राव ने तत्काल नोवा नेचर की वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को सूचना दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सारथी ने सबसे पहले महिला को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाने की सलाह दी। इसके बाद वे स्वयं मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

 

 

रेस्क्यू के दौरान सांप की पहचान कॉमन वुल्फ स्नेक के रूप में हुई। यह जहरीला सांप नहीं है। सांप की पहचान सामने आने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली, लेकिन जितेंद्र सारथी ने अपनी जिम्मेदारी केवल रेस्क्यू तक सीमित नहीं रखी।
वे स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे और महिला तथा ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक को बताया कि रेस्क्यू किया गया सांप जहरीला नहीं था। इस जानकारी के बाद महिला और उसके परिजनों की चिंता काफी कम हुई।
सिपाही हितेश राव की सतर्कता की सारथी ने की सराहना
जितेंद्र सारथी ने सिपाही हितेश राव की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस विभाग में ड्यूटी निभाने के साथ उन्होंने संकट की स्थिति में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय दिया। समय पर सूचना देने और महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता देने से परिवार का पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है।
रेस्क्यू खत्म हुआ तो रात ने दिखाया प्रकृति का दूसरा रूप
सांप के रेस्क्यू और अस्पताल की जानकारी लेने के बाद जब जितेंद्र सारथी मानिकपुर थाना, एसईसीएल जीएम कार्यालय होते हुए रविशंकर नगर की ओर लौट रहे थे, तब इस रात ने उन्हें प्रकृति का एक और अनोखा दृश्य दिखा दिया।
सड़क किनारे अचानक दो सियार नजर आए। रात के सन्नाटे में एक नर और एक मादा सियार कुछ समय तक सड़क के आसपास विचरण करते दिखाई दिए। वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील सारथी ने इस दुर्लभ और खूबसूरत दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लिया। कुछ देर बाद दोनों सियार झाड़ियों की ओर बढ़े और अंधेरे में ओझल हो गए।
संभावना जताई गई कि आसपास के इलाके में ही उनका ठिकाना या मांद हो सकता है। हालांकि वन्यजीवों के आवास के बारे में बिना प्रत्यक्ष पुष्टि के निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
सियार से डरने की नहीं, समझने की जरूरत
जितेंद्र सारथी के अनुसार सियार पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे मृत जीवों और जैविक अवशेषों को हटाने में योगदान देकर प्रकृति के प्राकृतिक सफाई तंत्र का हिस्सा बनते हैं। मानव आबादी के आसपास भी कभी-कभी इनके दिखाई देने की संभावना रहती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि सियार या किसी भी वन्यजीव को देखकर घबराने, पीछा करने या नुकसान पहुंचाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और आवश्यकता होने पर संबंधित वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
एक ही रात में एक तरफ बिस्तर के पास बैठे सांप ने चिंता बढ़ाई, तो दूसरी तरफ सड़क किनारे दिखाई दिए दो सियारों ने प्रकृति की खूबसूरती का एहसास कराया। आधी रात का यह घटनाक्रम केवल एक रेस्क्यू कहानी नहीं, बल्कि इंसान, वन्यजीव और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश भी दे गया।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.