September 4, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

 

 

कृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर ‘कृष्ण-राधा बनो’ प्रतियोगिता, नन्हे प्रतिभागियों की मनमोहक वेशभूषा ने जीता सभी का दिल
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर मिनीमाता इंग्लिश मीडियम स्कूल, सेक्टर-3 बालकों में ‘कृष्ण-राधा बनो प्रतियोगिता’ का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय की नर्सरी कक्षा के नन्हे-नन्हे छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की आकर्षक वेशभूषा में सजे बच्चों ने जैसे ही मंच पर कदम रखा, पूरा विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

 

 

नन्हे बच्चों ने अपनी मनमोहक वेशभूषा, मासूम अंदाज और आकर्षक प्रस्तुति से उपस्थित शिक्षकों, पालकों एवं विद्यार्थियों का मन मोह लिया। किसी ने कान्हा का रूप धारण कर मुरली और मोरपंख से अपनी छवि सजाई, तो किसी ने राधा रानी के रूप में अपनी सुंदर प्रस्तुति देकर सबका ध्यान आकर्षित किया। बच्चों की मासूमियत और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम को विशेष रूप से यादगार बना दिया।
प्रतियोगिता में कुमारी भूमि टंडन ने भी राधा रानी की मनमोहक वेशभूषा में हिस्सा लिया। अपनी आकर्षक प्रस्तुति के लिए उन्हें विद्यालय प्रबंधन द्वारा उत्कृष्ट स्थान प्रदान करते हुए पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार मिलने पर विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल रहा।
इस अवसर पर अखिल भारतीय सतनामी युवा कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनीराम जांगड़े ने विद्यालय की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि मिनीमाता इंग्लिश मीडियम स्कूल बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखता, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों, खेलकूद और विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ ही उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं पालकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कृष्ण-राधा के रूप में सजे नन्हे कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जन्माष्टमी के उत्सव को और भी रंगीन एवं भक्तिमय बना दिया।
विद्यालय प्रबंधन की इस पहल की उपस्थित पालकों एवं क्षेत्रवासियों ने सराहना की और कहा कि छोटी उम्र से ही बच्चों को सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना उनके व्यक्तित्व विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रतियोगिता ने न केवल बच्चों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाया, बल्कि विद्यालय परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की भक्ति, उमंग और भारतीय संस्कृति का सुंदर संगम भी देखने को मिला।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.