दिल्ली में गूंजी भू-विस्थापितों की आवाज: विधायक प्रेमचंद पटेल ने केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी के सामने रखीं जमीन, मुआवजा, पुनर्वास और हक की लंबित मांगें
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कटघोरा के प्रभावित परिवारों के अधिकारों की लड़ाई पहुंची केंद्र के दरबार तक | विधायक ने कहा—विकास की कीमत चुकाने वाले परिवारों के हितों से नहीं होगा समझौता | केंद्रीय मंत्री ने गंभीरता से सुनी समस्याएं, अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश
कटघोरा/नई दिल्ली। कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में कोयला खनन एवं विभिन्न विकास परियोजनाओं से प्रभावित भू-विस्थापित परिवारों की वर्षों से चली आ रही समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर अब आवाज दिल्ली तक पहुंच गई है। कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से मुलाकात कर भू-विस्थापित परिवारों के अधिकार, उनकी लंबित मांगों और क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को मजबूती के साथ केंद्रीय स्तर पर रखा।
विधायक पटेल ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि कटघोरा क्षेत्र के अनेक परिवारों ने विकास और कोयला परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन, खेत और पुश्तैनी संपत्ति छोड़ी है। ऐसे परिवारों के पुनर्वास, मुआवजा, रोजगार, आवास तथा अन्य वैधानिक एवं जायज अधिकारों का उचित निराकरण प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने देश और प्रदेश के विकास में अपनी जमीन देकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है, उनके साथ न्याय होना भी विकास की प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है। भू-विस्थापितों की समस्याओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित रखने के बजाय जमीनी स्तर पर समाधान तक पहुंचाना जरूरी है।
जमीन देने वालों के हक का सवाल, विधायक ने दिल्ली में उठाई बुलंद आवाज
मुलाकात के दौरान विधायक प्रेमचंद पटेल ने कटघोरा क्षेत्र में कोयला खनन से प्रभावित परिवारों की विभिन्न समस्याओं को विस्तार से केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण, पात्र परिवारों को उनके अधिकारों का लाभ दिलाने तथा पुनर्वास से जुड़े विषयों पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
विधायक ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि भू-विस्थापित परिवारों को आवास और पुनर्वास की समुचित सुविधा मिले, ताकि जिन परिवारों ने अपनी जमीन विकास परियोजनाओं के लिए दी है, उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहना पड़े।
उन्होंने प्रभावित परिवारों से जुड़े आवास, पुनर्वास, मुआवजा, रोजगार एवं अन्य लंबित मांगों पर संबंधित विभागों और परियोजना प्रबंधन के स्तर पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।

भू-विस्थापितों की प्रमुख मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री से निर्णायक पहल का आग्रह
विधायक पटेल ने कहा कि भू-विस्थापन केवल जमीन का हस्तांतरण नहीं है, बल्कि इससे एक परिवार की आजीविका, घर, सामाजिक व्यवस्था और पीढ़ियों से जुड़ी भावनाएं प्रभावित होती हैं। इसलिए विस्थापित परिवारों के पुनर्वास एवं अधिकारों का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि कटघोरा क्षेत्र के प्रभावित परिवारों से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा कराकर पात्र हितग्राहियों को आवास, उचित पुनर्वास, मुआवजा एवं रोजगार सहित उनके जायज अधिकारों का लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक पहल की जाए।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गंभीरता से सुनी समस्याएं
विधायक प्रेमचंद पटेल द्वारा रखे गए विषयों को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गंभीरता से सुना। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों और भू-विस्थापित परिवारों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।
केंद्रीय मंत्री ने संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया तथा भू-विस्थापितों से जुड़े मामलों में नियमानुसार आवश्यक कदम उठाने की बात कही। केंद्रीय स्तर पर समस्याओं को गंभीरता से लिए जाने के बाद प्रभावित परिवारों में अपनी लंबित मांगों के समाधान को लेकर उम्मीद जगी है।
जनप्रतिनिधियों और भू-विस्थापित प्रतिनिधियों ने भी रखे अपने पक्ष
इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान हरदी बाजार सरपंच लोकेश कुमार कंवर, भू-विस्थापित नरेश टंडन, हरदी बाजार उपसरपंच प्रतिनिधि हीरामणी जायसवाल, बोईदा उपसरपंच प्रतिनिधि दुष्यंत शर्मा, सिरली सरपंच प्रतिनिधि रघुराज सिंह उईके, रेकी उपसरपंच शिव नारायण यादव, भू-विस्थापित मन्नु राठौर एवं आशीष अग्रवाल सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रतिनिधियों ने भी क्षेत्र में भू-विस्थापन से जुड़ी समस्याओं और प्रभावित परिवारों की अपेक्षाओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया तथा लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की मांग रखी।
‘भू-विस्थापितों के अधिकारों की आवाज दिल्ली तक पहुंचाते रहेंगे’—प्रेमचंद पटेल
विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि कटघोरा विधानसभा क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता है, लेकिन विकास के साथ-साथ उन परिवारों के हितों की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जिन्होंने विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन और पुश्तैनी संपत्ति का त्याग किया है।
उन्होंने कहा कि भू-विस्थापित परिवारों के अधिकारों और जायज मांगों की आवाज को हर उचित मंच पर उठाया जाएगा। आवास, पुनर्वास, मुआवजा, रोजगार और अन्य लंबित मामलों के समाधान के लिए वे लगातार प्रयास करते रहेंगे।
विधायक ने कहा कि जनहित सर्वोपरि है और भू-विस्थापित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष और प्रयास लगातार जारी रहेगा। केंद्रीय मंत्री के समक्ष कटघोरा क्षेत्र की समस्याओं को सीधे रखने और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश मिलने से अब प्रभावित परिवारों को अपने लंबित मामलों के समाधान की नई उम्मीद दिखाई दे रही है।







