जनजाति समाज के सम्मान से खिलवाड़ पर भाजपा का पलटवार, कांग्रेस के खिलाफ पुलिस में शिकायत
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देवलाल ठाकुर का तीखा हमला—“कांग्रेस झूठे नैरेटिव और सोशल मीडिया के जरिए जनजाति समाज को अपमानित करने की साजिश कर रही”
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर। जनजाति समाज के सम्मान और अस्मिता से जुड़े मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत में शुक्रवार को एक बार फिर राजनीतिक टकराव तेज हो गया। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर के नेतृत्व में आदिवासी समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों ने बालोद पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपकर कांग्रेस के सोशल मीडिया पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से जनजाति समाज को अपमानित करने, आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और सामाजिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है।
“जनजाति समाज के सम्मान पर चोट, कांग्रेस की ओछी राजनीति का प्रमाण”
देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अब राजनीतिक विरोध की सीमाएं लांघकर समाज के सम्मान और भावनाओं को निशाना बनाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके नेता सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक एवं झूठे नैरेटिव फैलाकर न केवल सरकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, बल्कि प्रदेश के जनजाति समाज की भावनाओं को भी आहत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में नहीं होती है, तब वह जनता के बीच भ्रम और असंतोष पैदा करने के लिए राजनीतिक प्रोपेगेंडा का सहारा लेती है। भाजपा ऐसे किसी भी झूठे एवं भ्रामक प्रचार का तथ्यों के साथ जवाब देगी और जनजाति समाज के सम्मान से जुड़े किसी भी विषय पर चुप नहीं बैठेगी।

मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट का भी उठाया मुद्दा
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश के आदिवासी समाज से आने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संबंध में सोशल मीडिया पर कथित रूप से अपमानजनक पोस्ट किए जाने से जनजाति समाज के लोगों में आक्रोश और पीड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम द्वारा लगातार ऐसी सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिसे समाज के सम्मान के खिलाफ माना जा रहा है।
ठाकुर ने कहा कि जनजाति समाज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को अपना सम्मान और गौरव माना है। ऐसे में उनके खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को केवल एक राजनीतिक बयान मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से तत्काल इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
“चुनावी हार का ठीकरा आदिवासी समाज पर फोड़ रही कांग्रेस”
देवलाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी चुनावी पराजय की हताशा में जनजाति समाज के प्रति विद्वेषपूर्ण रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आदिवासी समाज ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपना स्पष्ट जनादेश दिया है और कांग्रेस को उस जनादेश का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी समाज, समुदाय या व्यक्ति के सम्मान को चोट पहुंचाने वाली भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। कांग्रेस को अपनी राजनीतिक लड़ाई मुद्दों और नीतियों के आधार पर लड़नी चाहिए, न कि समाज की भावनाओं को भड़काकर।
एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की मांग
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायत पत्र में कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट और टिप्पणियों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सोशल मीडिया की आड़ में किसी समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कांग्रेस से माफी की मांग, आंदोलन की चेतावनी
भाजपा नेताओं और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस से कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो आदिवासी समाज लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
देवलाल ठाकुर ने कहा कि जनजाति समाज की अस्मिता और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन सामाजिक सम्मान की मर्यादा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
प्रतिनिधिमंडल में समाज के प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
शिकायत सौंपने के दौरान सर्व आदिवासी समाज के अमाय नागवंशी, उपाध्यक्ष डोंडी हीरा ठाकुर, हल्बा आदिवासी समाज अध्यक्ष मोहन्तिन चोरका, हल्बा समाज अध्यक्ष निरंजन पटौदी, गोंड समाज तहसील उपाध्यक्ष डोमार नेताम, गोंड समाज लोहारा अध्यक्ष जीवराखन भुआर्य, लोहारा हल्बा समाज उपाध्यक्ष मदन महला, सर्किल अध्यक्ष हल्बा समाज रूपेश नायक, संजू मानकर, शिवराम सिन्द्रामे, साधना सोरी, डोमेन्द्र टेकाम सहित बालोद जिला सर्व आदिवासी समाज के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जनजाति समाज के सम्मान के मुद्दे पर भाजपा के इस कदम ने प्रदेश की सियासत में नया राजनीतिक संदेश दिया है। अब निगाहें पुलिस की जांच और कांग्रेस की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।







