आदिवासी शक्तिपीठ में गूंजा जल-जंगल-जमीन और अधिकारों का संदेश, तीन दिवसीय विश्व आदिवासी दिवस समारोह का भव्य आगाज
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7 से 9 अगस्त तक विविध आयोजन, 8 अगस्त को वनांचल अजगरबहार में विशाल निःशुल्क चिकित्सा एवं रक्तदान शिविर, 9 अगस्त को होगा मुख्य मंचीय कार्यक्रम
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर कोरबा स्थित विश्व की प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ में तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रम का आगाज हो गया है। 7 अगस्त से शुरू हुए इस आयोजन में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, संवैधानिक अधिकार, सामाजिक जागरूकता, खेल प्रतिभा और राष्ट्रभाव को केंद्र में रखते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजन का मुख्य मंचीय कार्यक्रम 9 अगस्त को आदिवासी शक्तिपीठ के विशाल प्रांगण में होगा।

कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय स्लोगन, लेखन एवं निबंध प्रतियोगिताओं के साथ महान आदिवासी योद्धाओं, रूढ़ी-परंपराओं, संविधान, संवैधानिक अधिकारों एवं आदिवासी समाज से जुड़े विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसके अलावा राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता, तीरंदाजी प्रतियोगिता, महिलाओं के लिए रस्सी खींच, मेहंदी एवं रंगोली प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही हैं।
समारोह का सबसे आकर्षक पक्ष आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम है। आयोजन में आदिवासी समाज की पारंपरिक कला, संस्कृति, लोक परंपरा और सामाजिक विरासत को मंच प्रदान किया जा रहा है।
वनांचल में स्वास्थ्य सेवा की बड़ी पहल
विश्व आदिवासी दिवस समारोह के अंतर्गत 8 अगस्त को कोरबा जिले के वनांचल ग्राम अजगरबहार में विशाल निःशुल्क चिकित्सा एवं रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसमें अजगरबहार सहित आसपास की 19 ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल होंगे।
आयोजकों के अनुसार शिविर में लगभग 15 चिकित्सक एवं उनकी टीम अपनी सेवाएं प्रदान करेगी। ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श तथा आवश्यक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वनांचल क्षेत्र में इस तरह का स्वास्थ्य शिविर ग्रामीणों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
9 अगस्त को जुटेंगे आदिवासी समाज के प्रमुख प्रतिनिधि
तीन दिवसीय आयोजन का मुख्य मंचीय कार्यक्रम 9 अगस्त को होगा। कार्यक्रम में शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र सिंह दीवान के मुख्य आतिथ्य सहित सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी।
आयोजन को सफल बनाने के लिए आदिवासी शक्तिपीठ के संरक्षक मंडल, पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।
तैयारियों का लिया जायजा, पदाधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी
7 अगस्त को आदिवासी शक्तिपीठ के संरक्षक रघुवीर सिंह मार्को, संरक्षक मोहन सिंह प्रधान, उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राज, सांस्कृतिक प्रमुख रूपेंद्र सिंह पर, कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह कंवर, गेंद लाल सिदार, संगठन प्रमुख रमेश सिरका, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र भगत, युवा प्रकोष्ठ से धर्मेंद्र ध्रुव एवं प्रवीण पालिया सहित श्रीमती सुमन नेताम, श्रीमती कृष्णा राजेश एवं श्रीमती रमा राज उपस्थित रहे।
पदाधिकारियों ने आयोजन स्थल पर चल रही तैयारियों एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आदिवासी शक्तिपीठ के संरक्षक मोहन सिंह प्रधान ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, पहचान और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता का महत्वपूर्ण अवसर है। तीन दिवसीय आयोजन के माध्यम से समाज की नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने, युवाओं की प्रतिभा को मंच देने, महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने तथा वनांचल के लोगों तक स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता पहुंचाने का संदेश देना है।
तीन दिनों तक कोरबा में आदिवासी संस्कृति, खेल, कला, सामाजिक चेतना और सेवा की अलग-अलग तस्वीर देखने को मिलेगी। 9 अगस्त को होने वाला मुख्य कार्यक्रम इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण होगा।


