“भुगतान नहीं तो काम नहीं” : बकाया भुगतान की मांग को लेकर प्रदेशभर के ठेकेदारों का हुंकार, सरकार से आर-पार की लड़ाई का ऐलान



निर्माण कार्यों का भुगतान लंबित होने से ठेकेदारों में भारी आक्रोश, विधानसभा घेराव के लिए निकले ठेकेदारों को पुलिस ने रोका, जल्द होगी आंदोलन की नई रणनीति तय
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर। प्रदेशभर के सरकारी निर्माण विभागों में वर्षों से लंबित भुगतान की समस्या को लेकर ठेकेदारों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पहुंचे ठेकेदारों ने अपनी जायज मांगों को लेकर राजधानी रायपुर में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। विधानसभा घेराव के लिए निकले ठेकेदारों को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने धरनास्थल पर बैठकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
ठेकेदारों का कहना है कि उन्होंने शासन के विभिन्न निर्माण कार्यों को समय पर पूरा किया, लेकिन करोड़ों रुपये के बिलों का भुगतान महीनों से नहीं किया जा रहा है। भुगतान नहीं मिलने के कारण ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई ठेकेदारों पर बैंक और बाजार का कर्ज बढ़ता जा रहा है, मजदूरों और कर्मचारियों को वेतन देने में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन सहित विभिन्न निर्माण विभागों में भुगतान प्रक्रिया अत्यंत धीमी है। कई मामलों में कार्य पूर्ण होने के बावजूद बिलों का भुगतान लंबित है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ठेकेदारों ने कहा कि यदि समय पर भुगतान नहीं किया जाएगा तो प्रदेश में विकास कार्यों की गति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

विरोध-प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि अपने अधिकार और मेहनत की कमाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका आंदोलन पूरी तरह से बकाया भुगतान, पारदर्शी व्यवस्था और निर्माण कार्यों से जुड़े हितों की रक्षा के लिए है।

पुलिस द्वारा विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के बाद कई ठेकेदारों को हिरासत में लिया गया, हालांकि इससे उनके हौसले कमजोर नहीं पड़े। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही भुगतान की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाया जाएगा।
ठेकेदारों की प्रमुख मांगें
लंबित निर्माण कार्यों के बकाया बिलों का तत्काल भुगतान।
सभी विभागों में भुगतान की समयबद्ध एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
भुगतान में हो रही अनावश्यक प्रशासनिक देरी को समाप्त किया जाए।
निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
भविष्य में भुगतान के लिए स्पष्ट एवं निर्धारित समय-सीमा तय की जाए।
आगे की रणनीति
कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने घोषणा की है कि आगामी दो दिनों में प्रदेश के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों की बैठक आयोजित कर आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और उग्र रूप देने तथा प्रदेशव्यापी चरणबद्ध प्रदर्शन की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
“मेहनत का भुगतान हमारा अधिकार है, और अपने अधिकार के लिए संघर्ष जारी रहेगा” — इसी संकल्प के साथ प्रदेश के ठेकेदार अब अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़ने की तैयारी में जुट गए हैं।


