तेज रफ्तार ट्रेलर ने 6 मवेशियों को रौंदा, सड़क पर बेजुबानों की मौत ने उठाए बड़े सवाल



उरगा क्षेत्र के कुदुरमाल-भाटापारा मार्ग पर दर्दनाक हादसा, ग्रामीणों ने चालक को पकड़ा; गांवों में आवारा मवेशियों के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग तेज।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। उरगा थाना क्षेत्र के कुदुरमाल-भाटापारा मार्ग स्थित धनराज पेट्रोल पंप के पास गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में तेज रफ्तार ट्रेलर ने सड़क पार कर रहे मवेशियों के झुंड को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि छह मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर तेज गति से कुदुरमाल की ओर जा रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे और सड़क पार कर रहे मवेशियों का झुंड चालक की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई मवेशियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।

यह हादसा केवल तेज रफ्तार का परिणाम नहीं, बल्कि गांवों और मुख्य सड़कों पर बिना निगरानी घूम रहे मवेशियों की गंभीर समस्या को भी उजागर करता है। प्रदेश के कई गांवों में चौक-चौराहों, मुख्य मार्गों और हाईवे पर मवेशियों का खुलेआम बैठना और घूमना आम बात हो गई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसमें कभी बेजुबान पशुओं की जान जाती है तो कभी वाहन चालक और राहगीर भी हादसों का शिकार हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल वाहन चालकों को दोषी ठहराने से समस्या का समाधान नहीं होगा। ग्राम पंचायतों, स्थानीय प्रशासन और पशुपालकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। गांवों में गौठान, कांजी हाउस अथवा मवेशियों के सुरक्षित ठहराव की स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आवारा मवेशी सड़कों पर न आएं। साथ ही पशुपालकों को भी अपने मवेशियों को खुला छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दोहरी जिम्मेदारी जरूरी है—एक ओर वाहन चालकों को रफ्तार नियंत्रित रखनी चाहिए, वहीं दूसरी ओर प्रशासन और स्थानीय निकायों को सड़कों पर घूम रहे मवेशियों के प्रबंधन के लिए प्रभावी अभियान चलाना चाहिए। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इस तरह की दर्दनाक घटनाएं लगातार होती रहेंगी।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि मृत मवेशियों के मामले में नियमानुसार कार्रवाई के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


