July 1, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर या ‘परिवार भक्ति’ की पाठशाला? भाजपा का तीखा हमला, कहा– जनता की नहीं, गांधी परिवार की सेवा का दिया गया प्रशिक्षण”

 

भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी बोले– राहुल गांधी ने सिर्फ औपचारिकता निभाई, प्रशिक्षण शिविर बना राजनीतिक प्रदर्शन; कांग्रेस के भविष्य पर भी उठाए सवाल।

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के हाल ही में संपन्न हुए 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा राजनीतिक हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कांग्रेस के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को कार्यकर्ताओं के वैचारिक विकास का मंच मानने से इनकार करते हुए इसे “परिवार भक्ति की पाठशाला” करार दिया। उन्होंने कहा कि इस शिविर में कार्यकर्ताओं को जनसेवा, संगठन विस्तार या सुशासन की सीख देने के बजाय गांधी परिवार के प्रति निष्ठा प्रदर्शित करने का पाठ पढ़ाया गया।
अमित चिमनानी ने कांग्रेस नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस दल का शीर्ष नेतृत्व स्वयं राजनीतिक दिशा तय करने में असफल रहा हो, वह कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने का दावा कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का शिविर में आगमन केवल औपचारिकता तक सीमित रहा और उनका उद्देश्य कार्यकर्ताओं से गंभीर संवाद करने के बजाय अपनी उपस्थिति दर्ज कराना मात्र था। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि राहुल गांधी आए, औपचारिक कार्यक्रम में शामिल हुए और लौट गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस नेतृत्व इस प्रशिक्षण को लेकर कितना गंभीर था।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं सचिन पायलट, पवन खेड़ा और अलका लाम्बा का नाम लेते हुए भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं की अपनी राजनीतिक रणनीतियां और संगठनात्मक प्रयोग लगातार सवालों के घेरे में रहे हैं, वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को क्या नई दिशा देंगे। उनके अनुसार यह पूरा आयोजन वैचारिक प्रशिक्षण कम और राजनीतिक दिखावा अधिक नजर आया।
चिमनानी ने दावा किया कि कांग्रेस आज देश के सीमित राज्यों तक सिमट चुकी है और लगातार जनाधार खो रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब वंशवाद, परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति को स्वीकार नहीं कर रही है। देश की जनता उन दलों के साथ खड़ी है जो विकास, सुशासन और जनकल्याण के मुद्दों पर काम करते हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस के लिए प्रशिक्षण का अर्थ केवल सत्ता प्राप्त करने की रणनीति बनाना और एक विशेष परिवार के इर्द-गिर्द राजनीति करना रह गया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को राष्ट्रसेवा, संगठन विस्तार, जनसंपर्क और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रशिक्षण देती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। केवल लंबे प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने से संगठन मजबूत नहीं होता, बल्कि कार्यकर्ताओं को स्पष्ट विचारधारा, जनता के बीच सक्रियता और सकारात्मक राजनीति का मार्ग दिखाना आवश्यक होता है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस का यह प्रशिक्षण शिविर इन उद्देश्यों पर खरा उतरने में पूरी तरह विफल रहा और अंततः यह एक राजनीतिक आयोजन भर बनकर रह गया।

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