शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक एकता का महाकुंभ: कंवर राठिया समाज ने भरी विकास की नई हुंकार



आमसभा में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आदिवासी परंपरा संरक्षण और सामाजिक नियमावली के पालन पर हुआ मंथन, युवाओं को दिया उज्ज्वल भविष्य का मंत्र
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा/पिड़िया। समाज की एकजुटता, शिक्षा के विस्तार, स्वास्थ्य जागरूकता, रोजगार सृजन और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण को लेकर कंवर राठिया समाज ने एक बार फिर अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया। छत्तीसगढ़ राठिया कंवर विकासशील समाज (आरकेवीएस), ठाकुर देव ट्रस्ट एवं छत्तीसगढ़ चंद्रवंशीय कंवर राठिया समाज उत्थान समिति के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पंचायत भवन पिड़िया में आयोजित भव्य आमसभा में समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि, मातृशक्ति, युवा एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए समाज के लोगों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के बैगाओं द्वारा आदिवासी परंपरा के अनुरूप ठाकुर देव एवं छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना से हुआ। इसके पश्चात डॉ. भीमराव अंबेडकर, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले, भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और जयपाल सिंह मुंडा सहित समाज एवं राष्ट्र के महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए आरकेवीएस के अध्यक्ष चंद्रमणि राठिया ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल संगठन को मजबूत करना नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति व्यापक जागरूकता लाकर एक सशक्त एवं विकसित समाज का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षित और स्वस्थ समाज ही विकास की वास्तविक आधारशिला है।
ठाकुर देव ट्रस्ट के अध्यक्ष जनकराम राठिया ने कहा कि “कंवर राठिया आदिवासी समाज प्रकृति पूजक समाज है। प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण हमारी पहचान ही नहीं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी है।” उन्होंने समाज से अपनी सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने का आह्वान किया।
वहीं छत्तीसगढ़ चंद्रवंशीय कंवर राठिया समाज उत्थान समिति के केंद्रीय सचिव मानसिंह राठिया ने समाज की नियमावली को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि जिस प्रकार देश का संचालन संविधान से होता है, उसी प्रकार राठिया समाज की सामाजिक नियमावली ही समाज का संविधान है। समाज की एकता, अनुशासन और प्रगति के लिए प्रत्येक सदस्य को इन नियमों का पालन करना आवश्यक है।
ठाकुर देव ट्रस्ट के सचिव रामधन राठिया ने आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देते हुए युवाओं से कृषि को सम्मानजनक और लाभकारी रोजगार के रूप में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेती आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
सभा में आरकेवीएस के सचिव डॉ. सुरेश राठिया एवं रामलाल कंवर ने युवाओं के लिए कैरियर गाइडेंस सत्र आयोजित कर उच्च शिक्षा, विषय चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं रोजगार के विभिन्न अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप विषय चुनकर लक्ष्य निर्धारित करने तथा निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
आमसभा में समाज की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण तथा सामाजिक संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर समाज की बालिकाओं ने पारंपरिक सुवा नृत्य प्रस्तुत कर अपनी सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक झलक प्रस्तुत की, जिसकी उपस्थित लोगों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
कार्यक्रम में आरकेवीएस अध्यक्ष चंद्रमणि राठिया, ठाकुर देव ट्रस्ट के अध्यक्ष जनकराम राठिया, केंद्रीय सचिव मानसिंह राठिया, डॉ. सुरेश राठिया, सरपंच श्रवण कुमार राठिया, कोषाध्यक्ष गजाराम कंवर, सचिव रामधन सिंह राठिया, बीरसिंह राठिया, केशव राठिया (बैगा), लक्षन राठिया (बैगा), तीजराम राठिया, गुमान सिंह राठिया, श्रीमती अंजना कंवर, श्रीमती उतरी राठिया, श्रीमती लीला, लालो बाई राठिया, श्रीराम राठिया, रामेश्वर राठिया, जगत राम राठिया, ईश्वर सिंह राठिया, दिलीप कुमार राठिया, सागर सिंह राठिया, रामलाल कंवर, निर्मल सिंह राठिया, रामलाल राठिया, दुबराज सिंह राठिया, करम सिंह राठिया, यादन सिंह राठिया, गुलाब सिंह राठिया, देव राठिया सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति एवं युवा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन दुबराज सिंह राठिया ने किया, जबकि गजाराम कंवर ने आभार व्यक्त किया। अंत में समाज की एकता, संगठन, शिक्षा, संस्कृति संरक्षण और सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ आमसभा का समापन हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने समाज को संगठित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।


