जनता परेशान, अफसर बेखबर! जनदर्शन के बाद जागा प्रशासन, अब भी जाम नालियां और पानी की किल्लत पर जिम्मेदार मौन



पार्षद राकेश कुमार वर्मा की लगातार पहल से शुरू हुई खतरनाक पेड़ों की कटाई, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की बदहाली ने खोली विभागों की कार्यशैली की पोल
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। सीएसईबी कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 21 में आखिरकार उन खतरनाक और सूखे पेड़ों की कटाई शुरू हो गई है, जो वर्षों से लोगों के घरों, बिजली लाइनों और राहगीरों के लिए जानलेवा खतरा बने हुए थे। यह कार्रवाई वार्ड पार्षद राकेश कुमार वर्मा द्वारा लगभग सात-आठ माह पूर्व जनदर्शन में उठाए गए मुद्दे और लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि जनप्रतिनिधि लगातार आवाज़ न उठाते, तो क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करता?

जानकारी के अनुसार पार्षद राकेश कुमार वर्मा ने जनदर्शन में लिखित आवेदन देकर कॉलोनी में सूखे और जर्जर पेड़ों से उत्पन्न खतरे की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद विभागीय सर्वे में लगभग 200 पेड़ों को डेंजर जोन में चिन्हित किया गया और अब उनकी चरणबद्ध कटाई शुरू हुई है। इससे कॉलोनीवासियों ने राहत की सांस ली है और पार्षद की सक्रियता की खुलकर सराहना की है।
पार्षद राकेश कुमार वर्मा ने इस कार्य में सहयोग के लिए विद्युत वितरण विभाग, वन विभाग एवं सिविल विभाग का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विभागों के सहयोग से एक गंभीर जनसमस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। पेड़ों की कटाई शुरू होने के बावजूद वार्ड की दूसरी गंभीर समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। कॉलोनी की अधिकांश नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। नियमित सफाई के अभाव में गंदा पानी सड़कों पर बहता है, दुर्गंध फैलती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
इतना ही नहीं, पेयजल आपूर्ति भी रहवासियों के लिए रोज़ की परेशानी बन चुकी है। लोगों का आरोप है कि पानी कभी आता है, कभी नहीं आता, और जब आता भी है तो इतनी कम अवधि के लिए कि दैनिक जरूरतें भी पूरी नहीं हो पातीं। इस समस्या को लेकर भी जनदर्शन में शिकायतें दी गईं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो कुछ विभाग केवल शिकायतों की फाइलें आगे बढ़ाने तक सीमित रह गए हैं। यदि जनदर्शन में आवेदन न दिए जाएं तो समस्याएं वर्षों तक धूल फांकती रहती हैं। लोगों का सवाल है कि जब अधिकारियों की जिम्मेदारी नियमित निरीक्षण और जनसुविधाएं सुनिश्चित करना है, तो फिर हर छोटी-बड़ी समस्या के लिए जनता को बार-बार शिकायत क्यों करनी पड़ती है?

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जिस तेजी से खतरनाक पेड़ों की कटाई का कार्य शुरू किया गया है, उसी गंभीरता के साथ जाम नालियों की सफाई, नियमित पेयजल आपूर्ति और अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि जनता को राहत केवल कागजी दावों से नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले कार्यों से मिलेगी।
अब लोगों की निगाहें संबंधित विभागों और अधिकारियों पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि वे इस बार केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध कार्रवाई कर वार्ड क्रमांक 21 की वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान करेंगे।


