देश निर्माण में वेदांता का बड़ा योगदान: एक दशक में सरकारी खजाने में जमा किए करीब 5 लाख करोड़ रुपये



वित्त वर्ष 2025-26 में 62,722 करोड़ रुपये का योगदान, टैक्स पारदर्शिता और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता हुई और मजबूत
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* मुंबई। देश की अग्रणी प्राकृतिक संसाधन कंपनी वेदांता लिमिटेड ने राष्ट्र निर्माण और आर्थिक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को और मजबूत करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में सरकारी खजाने में 62,722 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। कंपनी की 11वीं टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट के अनुसार यह योगदान उसके कुल राजस्व का लगभग 36 प्रतिशत है, जो भारत की विकास यात्रा में वेदांता की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष की तुलना में कंपनी के योगदान में 13.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही पिछले दस वर्षों में वेदांता द्वारा केंद्र और राज्य सरकारों के खजाने में जमा की गई कुल राशि बढ़कर 4,83,034 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जिससे कंपनी देश के सबसे बड़े करदाताओं और सरकारी राजस्व में योगदान देने वाले प्रमुख निजी क्षेत्र के समूहों में शामिल हो गई है।
वित्त वर्ष 2025-26 वेदांता के लिए वित्तीय प्रदर्शन के लिहाज से भी ऐतिहासिक रहा। कंपनी का राजस्व बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि लाभ और परिचालन प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। मजबूत वित्तीय परिणामों के पीछे जिंक, एल्युमीनियम, ऑयल एंड गैस, कॉपर, आयरन ओर, स्टील और ऊर्जा क्षेत्रों में कंपनी का उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रमुख कारण रहा।
सरकारी खजाने में सबसे बड़ा योगदान जिंक व्यवसाय से 19,053 करोड़ रुपये का रहा, जबकि एल्युमीनियम ने 15,788 करोड़ रुपये और ऑयल एंड गैस व्यवसाय ने 11,697 करोड़ रुपये का योगदान दिया। यह कंपनी के विविधीकृत पोर्टफोलियो और महत्वपूर्ण खनिज एवं ऊर्जा क्षेत्रों में उसकी मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने रॉयल्टी, कॉर्पोरेट टैक्स, अप्रत्यक्ष कर, सीमा शुल्क, बिजली शुल्क, जीएसटी और अन्य वैधानिक मदों के माध्यम से केंद्र एवं विभिन्न राज्य सरकारों को महत्वपूर्ण राजस्व उपलब्ध कराया। राजस्थान, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात, आंध्र प्रदेश, गोवा, कर्नाटक और असम जैसे राज्यों को भी वेदांता के खनन एवं ऊर्जा व्यवसाय से उल्लेखनीय राजस्व प्राप्त हुआ।
वेदांता ने लगातार 11वें वर्ष अपनी टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट जारी कर कॉर्पोरेट प्रशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। कंपनी का कहना है कि कर पारदर्शिता उसके पर्यावरण, सामाजिक और सुशासन (ESG) एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में वह राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के लक्ष्य में सक्रिय योगदान देती रहेगी।
वेदांता की यह उपलब्धि न केवल उसकी वित्तीय मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि देश के औद्योगिक विकास के साथ-साथ सरकारी राजस्व और आर्थिक प्रगति में निजी क्षेत्र की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।


