वादा निभाओ या जवाब दो: मानदेय वृद्धि और संविलियन की मांग को लेकर 25 जून को सड़कों पर उतरेंगी मितानिनें



प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान, कोरबा में घंटाघर चौक से उठेगी हजारों मितानिनों की आवाज; मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। वर्षों से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली मितानिनें अब अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन के रास्ते पर उतरने जा रही हैं। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के आह्वान पर 25 जून 2026, गुरुवार को प्रदेशव्यापी जिला स्तरीय एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में संघ द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कोरबा को ज्ञापन सौंपकर कार्यक्रम की विधिवत सूचना दी गई है।
संघ का आरोप है कि वर्ष 2023 के चुनाव पूर्व किए गए वादों के अनुरूप अब तक मितानिनों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
मानदेय वृद्धि और संविलियन बना आंदोलन का मुख्य मुद्दा
मितानिन संघ का कहना है कि चुनाव पूर्व जारी घोषणा पत्र में मितानिन कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि तथा उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत संविलियन करने की बात कही गई थी। लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद इन मांगों पर अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि गांव-गांव में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण जागरूकता और विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मितानिनों को आज भी सम्मानजनक मानदेय और सेवा सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
NGO को संचालन सौंपने के निर्णय का भी विरोध
मितानिन संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि मितानिन कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी दिल्ली की एक गैर-सरकारी संस्था (NGO) को सौंपे जाने से कार्यकर्ताओं में असंतोष है। संघ का कहना है कि इससे मितानिन कार्यक्रम की मूल भावना और कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है।
इसी मुद्दे को लेकर प्रदेशभर की मितानिनें सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए आंदोलन कर रही हैं और अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट नीति की मांग कर रही हैं।

घंटाघर चौक बनेगा आंदोलन का केंद्र
कोरबा जिले में धरना-प्रदर्शन का आयोजन ओपन थिएटर ऑडिटोरियम, घंटाघर चौक में किया जाएगा। यहां जिलेभर से बड़ी संख्या में मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर शामिल होंगे।
धरना-प्रदर्शन के बाद रैली निकाली जाएगी तथा मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था की आधारशिला मानी जाती हैं मितानिनें
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम कड़ी के रूप में कार्यरत मितानिनों ने कोरोना काल सहित विभिन्न स्वास्थ्य आपदाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने में उनकी भूमिका को हमेशा सराहा गया है।
अब मितानिनों का कहना है कि वर्षों की सेवा के बावजूद उनकी मांगें अधूरी हैं और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
25 जून पर टिकी निगाहें
प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की भी नजर बनी हुई है। मितानिन संघ का कहना है कि यह आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। अब देखना होगा कि इस आंदोलन के बाद सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
25 जून को कोरबा सहित पूरे प्रदेश में मितानिनों की एकजुटता और उनकी मांगों की गूंज सुनाई देने वाली है।


