ग्रामीण विकास योजनाओं की हकीकत पर जिला पंचायत सीईओ की पैनी नजर, गोबर गैस संयंत्रों से लेकर आंगनबाड़ी निर्माण तक की जमीनी पड़ताल



पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र के कई गांवों का औचक निरीक्षण, गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर उनकी वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य से जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग ने पोड़ी-उपरोड़ा जनपद क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्थापित गोबर गैस संयंत्रों, निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों तथा अन्य विकास कार्यों की प्रगति का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत बिंझरा से हुई, जहां सीईओ श्री नाग ने गोबर गैस संयंत्र का अवलोकन कर हितग्राहियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने संयंत्र के संचालन, गैस उत्पादन एवं उपयोग की जानकारी प्राप्त करते हुए हितग्राहियों, सरपंच और सचिव को नियमित रूप से गोबर उपलब्ध कराने तथा संयंत्र का सतत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी सफल होगा जब उनका नियमित उपयोग कर ग्रामीणों को वास्तविक लाभ पहुंचाया जाए।
आंगनबाड़ी भवन निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
बिंझरा में ही निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष जताते हुए शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों और माताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण प्राथमिकता है।
महोरा और भांवर में गैस संयंत्रों की तकनीकी खामियों पर जताई चिंता
इसके बाद ग्राम महोरा एवं भांवर में स्थापित गोबर गैस संयंत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कुछ तकनीकी कमियां सामने आने पर सीईओ ने गैस कनेक्शन एवं अन्य आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि संयंत्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए ताकि ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और सस्ता ईंधन उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि गोबर गैस संयंत्र केवल ऊर्जा का स्रोत नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जैविक संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन योजनाओं का सफल संचालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करता है।
एफएसटीपी निर्माण कार्य की समीक्षा, एक माह में पूर्ण करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री नाग ग्राम पंचायत कोनकोना भी पहुंचे, जहां निर्माणाधीन फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का अवलोकन किया गया। उन्होंने निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना को आगामी एक माह के भीतर पूर्ण किया जाए ताकि क्षेत्र में स्वच्छता प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
मानिकपुर में संचालन व्यवस्था पर दिया विशेष जोर
ग्राम पंचायत मानिकपुर में स्थापित गोबर गैस संयंत्र के निरीक्षण के दौरान सीईओ ने संयंत्र के नियमित उपयोग, गोबर की पर्याप्त उपलब्धता और तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य पूरा करना नहीं, बल्कि उनका सतत संचालन सुनिश्चित कर लोगों को स्थायी लाभ पहुंचाना है।
योजनाओं की निरंतर निगरानी के दिए निर्देश
निरीक्षण के समापन पर जिला पंचायत सीईओ ने सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, समय-समय पर फील्ड विजिट करने और हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस दौरान सीईओ जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा भूपेंद्र सोनवानी, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) विमल धीरही, जिला सलाहकार दीप सरकार, जीवन यादव सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


