यादों को हरियाली का रूप देगा ‘स्मृति उद्यान’: बालको की अनूठी पहल में रोपे गए 100 से अधिक अमलतास के पौधे



विश्व पर्यावरण दिवस पर बालको ने शुरू किया भावनाओं और प्रकृति को जोड़ने वाला अभिनव अभियान, हर पौधा बनेगा किसी प्रियजन की जीवंत स्मृति
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//बालकोनगर,5 जून 2026
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं को एक नई दिशा देते हुए बालको टाउनशिप में ‘‘स्मृति उद्यान’’ का भव्य शुभारंभ किया। यह पहल केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की भावनाओं, स्मृतियों और प्रकृति के बीच एक स्थायी संबंध स्थापित करने का अनूठा प्रयास है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने फीता काटकर स्मृति उद्यान का उद्घाटन किया। इसके पश्चात वरिष्ठ अधिकारियों, यूनियन पदाधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों सहित 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अमलतास के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पूरे आयोजन में उत्साह, संवेदनशीलता और प्रकृति के प्रति समर्पण का विशेष वातावरण देखने को मिला।
जब यादें बनेंगी वृक्ष, तब पीढ़ियों तक जीवित रहेगा अपनापन
स्मृति उद्यान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां लगाया गया प्रत्येक पौधा किसी न किसी प्रियजन की स्मृति, प्रेरणा या जीवन के विशेष अवसर को समर्पित है। यह उद्यान आने वाले समय में केवल हरियाली का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि अनगिनत भावनाओं, रिश्तों और यादों का जीवंत संग्रहालय बन जाएगा।
इस अवसर पर सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि स्मृति उद्यान लोगों को प्रकृति से जोड़ने के साथ-साथ अपने प्रियजनों की स्मृतियों को भी संजोने का अवसर प्रदान करता है। यहां लगाया गया प्रत्येक पौधा एक कहानी, एक भावना और एक याद को अपने साथ लेकर विकसित होगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और सतत भविष्य निर्माण की दिशा में बालको का महत्वपूर्ण योगदान है।

जन्मदिन से लेकर विवाह वर्षगांठ तक, हर खुशी का साक्षी बनेगा स्मृति उद्यान
बालको द्वारा शुरू किया गया यह अभियान दीर्घकालिक स्वरूप का है। भविष्य में कर्मचारी, उनके परिवारजन तथा समुदाय के सदस्य अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, उपलब्धियों के उत्सव अथवा किसी प्रियजन की स्मृति में यहां पौधारोपण कर सकेंगे। इस प्रकार स्मृति उद्यान समय के साथ हजारों कहानियों और भावनाओं को अपने भीतर समेटता हुआ एक प्रेरणादायी हरित धरोहर का रूप लेगा।
अमलतास से सजेगा उद्यान, बढ़ेगी जैव विविधता
स्मृति उद्यान में औषधीय महत्व वाले अमलतास के पौधे लगाए गए हैं। आने वाले वर्षों में इन वृक्षों पर खिलने वाले सुनहरे पीले फूल न केवल टाउनशिप की सुंदरता बढ़ाएंगे, बल्कि मधुमक्खियों, तितलियों और अन्य परागणकर्ताओं को आकर्षित कर जैव विविधता संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अमलतास को पर्यावरणीय स्थिरता और जलवायु अनुकूलन के लिए भी उपयोगी वृक्ष माना जाता है।
प्रतिभागियों को मिला सम्मान, पौधों की देखभाल का भी संदेश
पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। साथ ही घरों और आसपास लगाए गए पौधों की बेहतर देखभाल के लिए जैविक खाद का भी वितरण किया गया, ताकि पौधारोपण केवल एक कार्यक्रम न रहकर एक सतत जनभागीदारी अभियान बन सके।
तीन माह में लगाए गए 4 हजार पौधे, हरियाली बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास
बालको द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार कार्य किए जा रहे हैं। बीते तीन महीनों के दौरान टाउनशिप के विभिन्न हरित क्षेत्रों में लगभग 4,000 पौधों का रोपण किया गया है, जिनमें 2,000 बोगनवेलिया और 2,000 पेंसिलवेनिया के पौधे शामिल हैं। फॉरेस्ट वॉकवे, नेहरू गार्डन सहित अन्य हरित स्थलों के विकास के साथ बालको लगातार हरियाली बढ़ाने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में कार्य कर रहा है।
हर पौधे में बसेंगी भावनाएं, हर वृक्ष लिखेगा हरित भविष्य की कहानी
स्मृति उद्यान के माध्यम से बालको ने यह संदेश दिया है कि पर्यावरण संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा एक ऐसा संकल्प है जो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और समृद्ध भविष्य प्रदान कर सकता है। यह पहल निश्चित रूप से समाज को प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरणीय चेतना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रेरणादायी उदाहरण बनेगी।


