बस्तर में ‘लाल आतंक’ के पतन से कांग्रेस में खलबली, हताशा में फैला रही है अफवाहें: भाजपा



सांसद महेश कश्यप का तीखा प्रहार: राजनीतिक वजूद बचाने के लिए नक्सलियों को ‘ऑक्सीजन’ देने की कोशिश कर रही कांग्रेस
कर्मा के बयान को बताया जवानों के शौर्य का अपमान; बोले— ‘दीपक बैज और भूपेश बघेल की तरह ही बस्तर की आबोहवा बिगाड़ने का रचा जा रहा षड्यंत्र’
Tirentra times Korba **//**//Raipur छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल से नक्सलियों के पैर उखड़ने और शांति की बहाली से सूबे की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कांग्रेस के वरिष्ठ दिवंगत नेता महेंद्र कर्मा के सुपुत्र छवीन्द्र कर्मा के हालिया बयान पर कड़ा पलटवार किया है। सांसद कश्यप ने दोटूक कहा कि बस्तर से वामपंथी उग्रवाद के समूल नाश को देखकर कांग्रेसी खेमे में जबरदस्त छटपटाहट और बौखलाहट है। अपनी खोई हुई सियासी जमीन को वापस पाने के लिए कांग्रेसी नेता अब बस्तर के निर्दोष आदिवासियों के बीच भ्रम और डर का माहौल पैदा करने की घिनौनी साजिश रच रहे हैं।
जवानों के पराक्रम पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण: महेश कश्यप
भाजपा सांसद ने छवीन्द्र कर्मा के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने नक्सलियों की जोरदार वापसी की बात कही थी। कश्यप ने तल्ख लहजे में कहा:
”यह बयान केवल बस्तर की अमनपसंद जनता के साथ विश्वासघात नहीं है, बल्कि हमारे उन जांबाज सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और शहादत का भी घोर अपमान है, जो अपनी जान हथेली पर रखकर बस्तर को मुक्त करा रहे हैं।”
कर्मा के ‘सुरक्षा छोड़ने’ वाले बयान पर तंज कसते हुए सांसद ने कहा कि बस्तर की जनता अब कांग्रेसियों के इस ‘सुरक्षा कार्ड’ के पीछे छिपी राजनीति को अच्छी तरह भांप चुकी है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कब तक रखनी है और कब हटानी है, इसका निर्णय सरकार और सुरक्षा एजेंसियां करेंगी, न कि अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले नेता।
’कांग्रेस की टूलकिट’ का हिस्सा हैं ये बयान
सांसद कश्यप ने आरोप लगाया कि यह किसी एक नेता की निजी टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह पूरी कांग्रेस पार्टी की सोची-समझी ‘टूलकिट’ का हिस्सा है। उन्होंने पूर्व के बयानों का हवाला देते हुए घेरा:
दीपक बैज (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष): वे लगातार यह नैरेटिव सेट करने में जुटे हैं कि बस्तर से नक्सलवाद खत्म ही नहीं हुआ है।
भूपेश बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री): वे बेहद गैर-जिम्मेदाराना ढंग से सुरक्षा कैंपों को हटाने और सैनिकों को वापस भेजने की वकालत कर रहे हैं।
कश्यप ने तीखा सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर नक्सलियों के सफाए और बस्तर में अमन-चैन लौटने से कांग्रेस नेतृत्व को इतनी पीड़ा क्यों हो रही है? क्या वे बस्तर की शांत वादियों में फिर से बारूद का जहर घोलना चाहते हैं?
भयमुक्त बस्तर: अब बंदूकों की गूंज नहीं, पर्यटन और विकास की धूम
बस्तर की बदलती हुई जीवंत तस्वीर को सामने रखते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि आज बस्तर ‘आतंक के साए’ से बाहर निकलकर विकास की नई इबारत लिख रहा है। प्रदेश की भाजपा सरकार के प्रयासों से बस्तर अब वैश्विक पर्यटन के नक्शे पर चमक रहा है।
बुनियादी ढांचा: सुदूर वनांचलों में सड़कों, स्कूलों और विकास कार्यों को युद्ध स्तर पर अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
सांस्कृतिक वैभव: विश्व प्रसिद्ध ‘बस्तर दशहरा’ में अब देश-विदेश से लाखों सैलानी बिना किसी खौफ के शिरकत कर रहे हैं।
अटूट संकल्प: हमारी सरकार आदिम संस्कृति और गौरवशाली लोक-परंपराओं को सहेजने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सांसद महेश कश्यप ने कांग्रेस को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बस्तर का आदिवासी समाज अब जागृत हो चुका है। वे अब किसी के बहकावे या भ्रमजाल में फंसने वाले नहीं हैं। बस्तर की जनता सिर्फ और सिर्फ शांति, शिक्षा और तरक्की चाहती है, जो केवल भाजपा की मजबूत इच्छाशक्ति से ही संभव हो पा रहा है। इसलिए कांग्रेसी नेता बस्तर को डराना और गुमराह करना तुरंत बंद करें।


