पुष्य नक्षत्र में बच्चों के स्वास्थ्य का महाअभियान: स्वर्ण बिंदु प्राशन से बढ़ी रोग प्रतिरोधक क्षमता, आयुर्वेद की ओर बढ़ते कदम



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा। “चलो आयुर्वेद की ओर” मिशन के तहत कोरबा में एक सराहनीय और जनहितकारी पहल देखने को मिली, जहां बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के उद्देश्य से भव्य आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन शिविर का आयोजन किया गया। लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट, पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय के संयुक्त तत्वाधान में 28 मार्च 2026, शनिवार को पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर महानदी कॉम्प्लेक्स, निहारिका रोड स्थित पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय में “बच्चे रहें स्वस्थ” योजना के अंतर्गत स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार सम्पन्न हुआ।

इस विशेष आयोजन में नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा द्वारा बच्चों को आयुर्वेदिक पद्धति से स्वर्ण बिंदु प्राशन ड्रॉप्स पिलाकर इम्यूनाइजेशन किया गया। साथ ही बच्चों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया और उनके शारीरिक व मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए अभिभावकों को आयु अनुसार उपयुक्त आहार-विहार की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही योग और प्राणायाम का भी निःशुल्क प्रशिक्षण देकर समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।
नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने स्वर्ण प्राशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह औषधि शुद्ध स्वर्ण भस्म, शहद, गोघृत, ब्राह्मी, वचा, गिलोय, अश्वगंधा और शंखपुष्पी जैसे दुर्लभ आयुर्वेदिक तत्वों से निर्मित होती है। उन्होंने बताया कि पुष्य नक्षत्र में स्वर्ण प्राशन कराने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, उनकी स्मरण शक्ति तीव्र होती है तथा रचनात्मक और क्रियात्मक विकृतियों में सुधार होता है। यह बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अमृततुल्य वरदान सिद्ध हो रहा है।
इस आयोजन में लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट के संरक्षक लायन सुधीर जैन, अध्यक्ष लायन शिव जायसवाल, कोषाध्यक्ष लायन गजेंद्र राठौड़, कार्यकारिणी सदस्य लायन प्रत्युष हनी सक्सेना, पतंजलि युवा भारत के राज्य कार्यकारिणी सदस्य संजय कुर्मवंशी सहित नेत्रनंदन साहू, अश्विनी बुनकर, कमल धारीया, देवबलि कुंभकार, राकेश इस्पात, सिद्धराम साहनी, नेहा महंत तथा श्री शिव औषधालय की संचालिका श्रीमती प्रतिभा शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने इस पुनीत कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए आयोजन को सफल बनाया।
समग्र रूप से यह आयोजन न केवल बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में एक सशक्त पहल साबित हुआ, बल्कि आयुर्वेद के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम रहा।


