लेमरू में जन आरोग्य समिति का सशक्तिकरण—पंचायत भवन में हुआ विशेष प्रशिक्षण, ग्रामीणों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लिया संकल्प



देवपहरी, अरसेना और नकिया के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जुड़े सदस्यों को दी गई जिम्मेदारियों की जानकारी, स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था और पारदर्शी संचालन पर जोर
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** लेमरू ग्रामीण और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए लेमरू पंचायत भवन में जन आरोग्य समिति के सदस्यों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में देवपहरी, अरसेना एवं नकिया के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जुड़े समिति सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समिति के सदस्यों को उनके दायित्व, कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य संस्थाओं के संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना था, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। प्रशिक्षकों ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए जन आरोग्य समिति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जन आरोग्य समिति का गठन इसलिए किया जाता है, ताकि स्वास्थ्य संस्थाओं का संचालन सुचारु रूप से हो सके और स्थानीय लोगों को सुलभ, सरल और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। समिति का दायित्व है कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को समय पर जांच, दवाइयां और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुसार मिलें।
कार्यक्रम में समिति के सदस्यों को यह भी जानकारी दी गई कि वे स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के लिए बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, परिसर की साफ-सफाई और रख-रखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नियमित निगरानी रखें। साथ ही समिति को मिलने वाले वार्षिक फंड का उपयोग पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ जनस्वास्थ्य के हित में किया जाए, यह सुनिश्चित करना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
प्रशिक्षण में उपस्थित जनप्रतिनिधियों को उनके उत्तरदायित्वों से अवगत कराते हुए उन्हें प्रेरित किया गया कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में स्थापित स्वास्थ्य केंद्रों को जनहितकारी, सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
इस अवसर पर पीएचसी लेमरू से एल.आर. गौतम, श्रीमती आर.बी. गौतम, मितानिन ब्लॉक समन्वयक रुस्तम, देवपहरी सरपंच हीरा बाई राठिया, अरसेना सरपंच पवन कुमारी तथा नकिया सरपंच रमिला मंझवार विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इसके अलावा मितानिन प्रशिक्षक जलसी यादव, बालकुमारी एवं सभी मितानिन कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाया।
कुल मिलाकर यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, जनभागीदारी बढ़ाने और स्वास्थ्य संस्थाओं के बेहतर संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित करें


