सतनामी समाज के वरिष्ठ जनों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गुरु माता मिनीमाता जी की 113वीं जयंती



प्रतिमा स्थल पर पूजन-अर्चन कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि, समाज व महिलाओं के उत्थान में उनके योगदान को किया याद
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा। अविभाजित मध्यप्रदेश की प्रथम महिला सांसद एवं सतनामी समाज की पूज्य गुरु माता मिनीमाता की 113वीं जयंती के पावन अवसर पर कोरबा जिले के सतनामी समाज के वरिष्ठ जनों ने अत्यंत श्रद्धा, सम्मान और उल्लास के साथ उन्हें शत-शत नमन किया। इस अवसर पर शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय कोरबा परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा के समक्ष समाज के वरिष्ठ जनों ने गरिमामय उपस्थिति में एकत्रित होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, पुष्पमालाएं अर्पित कीं तथा आरती कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठजनों ने गुरु माता मिनीमाता जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन को समाज सेवा, समानता और महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था। वे केवल सतनामी समाज की ही नहीं बल्कि पूरे समाज की प्रेरणास्रोत थीं। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और महिलाओं को शिक्षा, सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया।

वक्ताओं ने कहा कि मिनीमाता जी ने समाज में समरसता, समानता और विकास की सोच को मजबूत किया। उनके प्रयासों से समाज के कमजोर वर्गों को नई दिशा और आत्मविश्वास मिला। यही कारण है कि आज भी उनका जीवन और संघर्ष समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठजनों ने यह भी उल्लेख किया कि कोरबा जिले की जीवनरेखा माने जाने वाले मिनीमाता बांगो बांध का निर्माण भी उनके अथक प्रयासों का परिणाम है। इस बांध के निर्माण से कोरबा सहित आसपास के कई जिलों के किसानों को नहरों के माध्यम से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे किसानों की कृषि व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और क्षेत्र के लोग आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। समाजजनों ने कहा कि यह परियोजना मिनीमाता जी के दूरदर्शी नेतृत्व और क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है।
कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठजनों ने उनके आदर्शों को याद करते हुए कहा कि हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए समाज में शिक्षा, एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए। गुरु माता मिनीमाता जी का जीवन त्याग, सेवा और समर्पण की अद्भुत मिसाल है, जिसे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा के रूप में आगे बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य है।
इस अवसर पर सतनामी समाज के वरिष्ठ जनों में सर्वश्री नारायण लाल कुर्रे, अखिल भारतीय सतनामी युवा कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनीराम जांगड़े, जे.पी. कोसले, आर.डी. भारद्वाज, रवि खूटे, राम प्रसाद मिरी, सुनीता पाटले, निर्मल किरण, रिंकू वाडीले, रामेश्वरी बंजारे, रीना कुर्रे, सुनीता खूंटे, पुष्पा पात्रे, रागिनी, दीपक टंडन, के.पी. पातले, मनोद मनहर, जे.के. लहरे, शाहिद सहित अन्य समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने गुरु माता मिनीमाता जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा समाज के विकास और एकता के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।


