कांग्रेस में बढ़ता अंतर्कलह, अपने ही नेताओं के निशाने पर राहुल नेतृत्व : भाजपा का हमला


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के हालिया बयान को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस समय गंभीर नेतृत्व संकट से जूझ रही है और उसके अपने वरिष्ठ नेता ही वर्तमान नेतृत्व को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
श्री ठोकने ने कहा कि अय्यर का यह कथन कि वे “गांधीवादी-नेहरूवादी हैं, लेकिन राहुलवादी नहीं”, यह स्पष्ट संकेत देता है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व के प्रति गहरा अविश्वास और असंतोष व्याप्त है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर राहुल गांधी की राजनीतिक शैली और निर्णय क्षमता पर प्रश्नचिह्न बताते हुए कहा कि यह बयान कांग्रेस के अंदरूनी हालात का आईना है।
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि कांग्रेस के भीतर पनप रहा असंतोष अब दबाया नहीं जा सकता। यह असंतोष ज्वालामुखी की तरह फूटने की स्थिति में है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को अब “भारत जोड़ो” जैसे अभियानों की बजाय “कांग्रेस बचाओ” अभियान चलाने की आवश्यकता है, क्योंकि पार्टी के अपने ही नेता शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं।
श्री ठोकने ने यह भी कहा कि जब पार्टी के भीतर ही प्रवक्ताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल हो रहा हो, तो यह दर्शाता है कि संगठनात्मक अनुशासन और आंतरिक लोकतंत्र समाप्त हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में अब वैचारिक स्पष्टता की कमी है और पार्टी दिशाहीन होती जा रही है।
भाजपा ने दावा किया कि एक ओर कांग्रेस के कुछ नेता सार्वजनिक रूप से नेतृत्व को लेकर असहमति जता रहे हैं, तो दूसरी ओर पार्टी के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है। श्री ठोकने ने कहा कि जब पार्टी के वरिष्ठजन ही नेतृत्व पर विश्वास नहीं जता पा रहे हैं, तो देश की जनता कैसे भरोसा करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन की आवश्यकता है, क्योंकि आंतरिक मतभेद और नेतृत्व को लेकर भ्रम की स्थिति पार्टी के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है।

