February 11, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

कागजों में जब्ती, जमीन से गायब पिकअप! 65 बोरी अवैध धान ‘मिस्टर इंडिया’ कैसे बना? बसंतपुर में पुलिस–राजस्व की मौजूदगी में खेल, तहसीलदार पर FIR की मांग

 

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//** 📰 बलरामपुर/वाड्रफनगर/बसंतपुर | विशेष रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक ईमानदारी पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। बसंतपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और राजस्व विभाग की मौजूदगी में पकड़ी गई लगभग 65 बोरी अवैध धान से लदी बिना नंबर की पिकअप रहस्यमय तरीके से “गायब” हो गई। कागजों में कार्रवाई दिखाई गई, मौके पर फोटो खिंचवाई गई, लेकिन कुछ ही समय बाद सबूत ही जमीन से उड़नछू हो गया।
▶️ क्या है पूरा मामला?

 

 

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 जनवरी 2026 की रात ग्राम बसंतपुर (नमोरी) में नायब तहसीलदार द्वारा उत्तर प्रदेश की ओर तस्करी कर ले जाए जा रहे अवैध धान से भरी पिकअप को रोका गया। मौके पर बसंतपुर पुलिस की गश्ती टीम भी मौजूद थी। टीम ने वाहन और धान के साथ फोटो लेकर कार्रवाई का दिखावा किया, लेकिन इसके बाद न वाहन थाने में सुरक्षित खड़ा किया गया और न ही धान को विधिसम्मत तरीके से जब्त कर राजसात करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
▶️ बिना FIR के ‘रफा-दफा’ किया गया अवैध माल?
चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के करीब एक महीने बाद तक न FIR दर्ज हुई और न ही जब्त धान की नीलामी/राजसात की प्रक्रिया शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, बिना नंबर वाली पिकअप और अवैध धान को किसी ‘ऊपरी दबाव’ या कथित साठगांठ के चलते बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। यह सीधा-सीधा मोटर व्हीकल एक्ट और आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों की अवहेलना मानी जा रही है।
▶️ प्रधान संपादक ने खोला मोर्चा, SDOP से की FIR की मांग
इस पूरे मामले को लेकर ‘भारत सम्मान न्यूज़’ के प्रधान संपादक जितेंद्र कुमार जायसवाल ने प्रशासन के सामने तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने 2 फरवरी 2026 को SDOP वाड्रफनगर को लिखित आवेदन देकर प्रकरण में FIR दर्ज करने और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में उठाए गए प्रमुख सवाल:
किसके आदेश पर अवैध धान और पिकअप को बिना कार्रवाई छोड़ा गया?
फरार ड्राइवर के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
लापरवाही बरतने वाले नायब तहसीलदार और संबंधित पुलिसकर्मियों पर FIR क्यों नहीं?

 

इस शिकायत की प्रतिलिपि संभाग आयुक्त (सरगुजा), आईजी (सरगुजा रेंज), जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक (बलरामपुर) को भी भेजी गई है, ताकि कथित “सिस्टम की सेटिंग” की उच्चस्तरीय जांच हो सके।
▶️ जनता के सवाल: किसकी शह पर ‘गायब’ हुई पिकअप?
क्षेत्र में चर्चा गर्म है कि जब अधिकारी मौके पर मौजूद थे और फोटो साक्ष्य भी उपलब्ध हैं, तो आखिर किसकी शह पर अवैध धान से लदी पिकअप को छोड़ दिया गया?
क्या यह मामला किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है?
क्या स्थानीय स्तर पर अफसरों–तस्करों की मिलीभगत ने कानून को ठेंगा दिखाया?
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस ‘गायब’ पिकअप और धान को ढूंढकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करता है या फिर मामला फाइलों में दबकर रह जाता है। अगर निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह घटना प्रशासनिक साख पर गहरा दाग बनकर रह जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.