February 11, 2026

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वेदांता की रिकॉर्ड छलांग: तीसरी तिमाही में मुनाफा 60% उछलकर ₹7,807 करोड़

 

अब तक का सर्वोच्च एबिट्डा और राजस्व, डिमर्जर मंजूरी के बाद क्रेडिट रेटिंग मजबूत
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **/नई दिल्ली,29 जनवरी 2026
वेदांता लिमिटेड ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही तथा वित्तीय वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों के लिए अपने अलेखापरीक्षित समेकित वित्तीय परिणामों की घोषणा करते हुए शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का कर पश्चात मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 60 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ बढ़कर 7,807 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
तिमाही के दौरान वेदांता ने अब तक का सर्वाधिक एबिट्डा 15,171 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का एबिट्डा मार्जिन 629 बेसिस पॉइंट्स के विस्तार के साथ 41 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो परिचालन दक्षता और मजबूत लागत नियंत्रण को दर्शाता है।
वेदांता ने इस तिमाही में अब तक का सर्वाधिक त्रैमासिक राजस्व 45,899 करोड़ रुपये हासिल किया, जिसमें सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह प्रदर्शन कंपनी के विविधीकृत पोर्टफोलियो और मजबूत मांग को दर्शाता है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। नेट डेब्ट टू एबिट्डा रेशो 1.40x से बेहतर होकर 1.23x पर आ गया, जबकि रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 27 प्रतिशत पर रहा, जिसमें सालाना 296 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वेदांता के डिमर्जर से जुड़े एनसीएलटी के आदेश के बाद, प्रमुख रेटिंग एजेंसियों क्रिसिल और इक्रा ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग ‘AA’ स्तर पर बरकरार रखी है।
उत्पादन के मोर्चे पर भी वेदांता ने मजबूत प्रदर्शन किया।
आयरन ओर कारोबार में 1.2 मिलियन टन का त्रैमासिक सीलेबल ओर उत्पादन दर्ज किया गया, जिसमें 3 प्रतिशत सालाना वृद्धि हुई।
पिग आयरन उत्पादन 6 प्रतिशत सालाना बढ़ोतरी के साथ 229 किलोटन पर पहुंच गया।
कॉपर कैथोड उत्पादन सालाना आधार पर बढ़कर 45 किलोटन रहा, जो पिछले सात वर्षों का सर्वाधिक त्रैमासिक उत्पादन है।
फेरो क्रोम उत्पादन में 32 प्रतिशत की जबरदस्त सालाना वृद्धि दर्ज की गई और यह 24 किलोटन तक पहुंच गया।
पावर बिजनेस ने भी शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें बिक्री में 61 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
तिमाही के दौरान वेदांता ने कई रणनीतिक उपलब्धियां भी हासिल कीं। कंपनी को अपने प्रस्तावित डिमर्जर के लिए माननीय एनसीएलटी से मंजूरी प्राप्त हो गई है, जिसे दीर्घकालिक मूल्य सृजन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इसके अलावा, इनकैब इंडस्ट्रीज़ के अधिग्रहण के साथ वेदांता ने कॉपर और एल्युमिनियम में अपने डाउनस्ट्रीम फुटप्रिंट को और मजबूत किया है।
शेयरधारकों के लिए भी यह तिमाही बेहद लाभकारी रही। कंपनी ने तिमाही के दौरान लगभग 30 प्रतिशत का कुल शेयरधारक प्रतिफल दर्ज किया, जो निफ्टी से 5 गुना और निफ्टी मेटल इंडेक्स से 2.7 गुना बेहतर रहा। इस दौरान वेदांता के शेयरों ने बार-बार अपने अब तक के उच्चतम स्तर को छुआ।
इसके अतिरिक्त, वेदांता ग्रुप ने उच्च-मूल्य क्रिटिकल मिनरल्स के तीन अतिरिक्त माइनिंग ब्लॉक्स भी हासिल किए हैं, जिससे कुल असाइन्ड ब्लॉक्स की संख्या 11 हो गई है। बीते पांच वर्षों में कुल शेयरहोल्डर रिटर्न 428 प्रतिशत रहा है, जबकि कुल डिविडेंड यील्ड 73.5 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
वेदांता का यह प्रदर्शन न केवल कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है, बल्कि भारत के मेटल और माइनिंग सेक्टर में इसकी अग्रणी भूमिका को भी और सुदृढ़ करता है।

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