विश्व की प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ कोरबा में गूंजा गोंडी आस्था का स्वर






राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी का भव्य स्वागत, देवी-देवताओं की विधिवत पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** आज दिनांक 29 जनवरी 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) श्री रूप सिंह मंडावी का कोरबा जिला प्रवास के दौरान विश्व की प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ, कोरबा में गरिमामय आगमन हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर शक्तिपीठ परिसर में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

माननीय अतिथि के आगमन पर शक्तिपीठ के संरक्षक श्री मोहन सिंह प्रधान, संगठन प्रमुख श्री रमेश सिरका, उपाध्यक्ष श्री निर्मल सिंह राज, श्री बी.एस. पैंकरा, श्री राम खैरवार, श्री प्रवीण पालिया, शुश्री सुनीता सिरका, श्री सेवक राम मरावी सहित सर्व आदिवासी समाज के प्रमुखों, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के अभियंताओं तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों द्वारा पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर माननीय श्री मंडावी द्वारा शक्तिपीठ में विराजमान सभी देवी-देवताओं एवं पुरखा शक्तियों की गोंडी रीति-नीति के अनुसार भूमका एवं पुजारियों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। उन्होंने सभी समाजों के देवी-देवताओं का पूजन कर राज्य की सुख-शांति, समृद्धि और सामाजिक सौहार्द की कामना की।
पूजा उपरांत शक्तिपीठ के सभागार में पुनः स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शक्तिपीठ के संरक्षक श्री मोहन सिंह प्रधान ने रायपुर से पधारे अतिथियों एवं समाज प्रमुखों का पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया। इसके पश्चात उपस्थित सभी सम्मानित समाज प्रमुखों द्वारा माननीय अतिथि का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए शक्तिपीठ के संरक्षक श्री मोहन सिंह प्रधान ने विश्व की प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ के उद्देश्य, स्थापना के मूल आधार, अब तक किए गए कार्यों तथा भविष्य की योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आदिवासी समाज की वर्तमान समस्याओं, विशेष रूप से भारिया समाज के जाति प्रमाण-पत्र निर्माण में आ रही कठिनाइयों, तथा भविष्य में बेहतर अधोसंरचना विकास की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
अपने उद्बोधन में माननीय रूप सिंह मंडावी ने कहा कि “विश्व की प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ में आकर मैं स्वयं को धन्य महसूस कर रहा हूँ।” उन्होंने यहां संचालित सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा भविष्य में पुनः समय निकालकर शक्तिपीठ कोरबा आने का आश्वासन दिया।
माननीय अध्यक्ष ने कहा कि संविधान सम्मत जो भी मांगें उनके संज्ञान में लाई गई हैं—चाहे वह छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के अभियंताओं की पदोन्नति का विषय हो या समाज से जुड़े अन्य मुद्दे—उन्हें वे पूरी ईमानदारी से अपने स्तर पर तत्काल क्रियान्वयन के लिए प्रयास करेंगे तथा जो विषय उच्च सदन से संबंधित होंगे, उन्हें राज्य सरकार के समक्ष रखकर न्यायोचित समाधान सुनिश्चित कराने का प्रयास आयोग एवं सरकार द्वारा किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन शक्तिपीठ के उपाध्यक्ष श्री निर्मल सिंह राज ने किया, जबकि अंत में श्री सेवक राम मरावी ने माननीय अतिथियों एवं सभी आगंतुकों के प्रति आभार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर अल्प समय में ही बड़ी संख्या में समाज प्रमुखों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के अभियंता, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम की भव्यता और गरिमा और अधिक बढ़ गई।





