गणतंत्र दिवस पर साक्षरता का महाअभियान: 412 ग्राम पंचायतों में सजा ‘उल्लास मेला’, पढ़े-लिखे कोरबा की ओर मजबूत कदम






शिक्षा, डिजिटल ज्ञान और जीवन कौशल से जुड़ा जनउत्सव, जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का संकल्प
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/** कोरबा देश के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर कोरबा जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के उद्देश्य से साक्षरता विभाग द्वारा एक ऐतिहासिक पहल करते हुए जिले की 412 ग्राम पंचायतों में एक साथ ‘उल्लास मेला’ का आयोजन किया गया। इस अनूठे जन-अभियान का उद्देश्य उन नागरिकों तक शिक्षा की रोशनी पहुँचाना है, जो अब तक पढ़ना-लिखना नहीं सीख पाए हैं तथा उन्हें सीखने, समझने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करना है।

उल्लास मेले के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में पढ़ना-लिखना, जोड़-घटाना, साथ ही डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता और दैनिक जीवन में उपयोगी कौशल सिखाए गए। प्राथमिक विद्यालयों में विशेष स्टॉल लगाए गए, जहाँ खेल-खेल में सीखने की नवाचारी व्यवस्था की गई, जिससे बच्चों के साथ-साथ वयस्कों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
पूर्ण साक्षरता की दिशा में निर्णायक कदम – फूल सिंह राठिया
रामपुर विधायक श्री फूल सिंह राठिया ने सेंद्रीपाली संकुल के केरवाद्वारी विद्यालय में आयोजित उल्लास मेले में सहभागिता करते हुए कहा कि यह मेला कोरबा जिले को पूर्ण साक्षर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक पहल है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज के समग्र विकास की नींव है और इस प्रकार के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्र के लोग शिक्षा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
उल्लास मेले को जन-जन तक पहुँचाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया। अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु प्रभात फेरी, नारा लेखन, मशाल रैली एवं मुनादी के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया, जिससे मेले को लेकर गांवों में उत्साह और सकारात्मक वातावरण देखने को मिला।

सामूहिक सहभागिता से बना उल्लास मेला सफल
जिले की सभी 412 ग्राम पंचायतों में आयोजित उल्लास मेले को सफल बनाने में प्रधानपाठक (ग्राम प्रभारी), शिक्षकगण, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्काउट-गाइड, स्वयंसेवी शिक्षक एवं जनप्रतिनिधियों ने मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर शिक्षा के इस महाअभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
इस अवसर पर जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा ने विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित उल्लास मेले का निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों से सभी ग्रामों को पूर्ण साक्षर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही सामाजिक, आर्थिक और डिजिटल सशक्तिकरण संभव है और उल्लास मेला इसी दिशा में एक सशक्त प्रयास है।
उल्लास मेले के माध्यम से गणतंत्र दिवस को शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता के पर्व के रूप में मनाते हुए कोरबा जिले ने पूर्ण साक्षरता की ओर एक मजबूत और प्रेरणादायक कदम बढ़ाया है।





