कांग्रेस का संगठन सृजन बना सत्ता संघर्ष का अखाड़ा — मंडल अध्यक्षों की घोषणा से फिर उजागर हुई अंतर्कलह और गुटबाजी : ठोकने






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//* रायपुर छत्तीसगढ़ कांग्रेस में चल रहा तथाकथित संगठन सृजन अभियान अब संगठन निर्माण से अधिक आपसी खींचतान, दबाव की राजनीति और गुटीय संघर्ष का प्रतीक बनता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने कांग्रेस द्वारा हाल ही में घोषित किए गए मंडल अध्यक्षों की सूची को लेकर तीखा हमला बोला है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने कहा कि जिस प्रकार जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में कांग्रेस के बड़े नेताओं ने खुलेआम दबाव और प्रभाव का इस्तेमाल किया था, ठीक उसी तर्ज पर मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति भी सत्ता समीकरणों और गुटीय संतुलन का परिणाम प्रतीत होती है, न कि संगठनात्मक आवश्यकता का।
श्री ठोकने ने कहा कि जिस कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज अब तक अपनी कार्यकारिणी तक घोषित नहीं कर पा रहे हैं, जहां वरिष्ठ नेताओं की आपसी मोर्चेबंदी ने केंद्रीय नेतृत्व को असमंजस की स्थिति में डाल रखा है, वहां जमीनी स्तर पर संगठन सृजन की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने आगे कहा कि दंतेवाड़ा कांग्रेस जिला अध्यक्ष की नियुक्ति खुद विवादों के घेरे में है, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व इस पूरे मामले पर मौन साधे बैठा है। विडंबना यह है कि जो कांग्रेस लगातार “वोट चोरी” और “चुनाव चोरी” का आरोप लगाती रही है, उसी कांग्रेस के कार्यकर्ता दंतेवाड़ा में अपने ही नेताओं पर वोट चोरी जैसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि जब संगठन सृजन की शुरुआत ही विवाद, असंतोष और अंदरूनी टकराव से हो, तो उसके परिणाम क्या होंगे, इसका अनुमान लगाना कठिन नहीं है। कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान वास्तव में संगठन को मजबूत करने का नहीं, बल्कि आंतरिक सत्ता संघर्ष को ढकने का असफल प्रयास बनकर रह गया है।
श्री ठोकने ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस आज प्रदेश में नेतृत्वहीनता, दिशाहीनता और गुटबाजी के दलदल में फंसी हुई है, और मंडल अध्यक्षों की यह घोषणा उसी बिखराव की ताजा बानगी है।





