**शिक्षा, सम्मान और संस्कृति का भव्य संगम मंत्री लखनलाल देवांगन के करकमलों से “शिकसा कैलेण्डर 2026” का ऐतिहासिक विमोचन, 60 से अधिक शिक्षाविद् सम्मानित**






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा शिक्षा, कला और साहित्य को समर्पित संस्था शिक्षक कला व साहित्य अकादमी (शिकसा) कोरबा द्वारा आयोजित वार्षिक शिक्षा कैलेण्डर 2026 के विमोचन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन सियान सदन, घंटाघर चौक कोरबा में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री लखन लाल देवांगन जी, वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम एवं आबकारी मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन रहे। समारोह की अध्यक्षता माननीया सावित्री अजय कंवर जी, सभापति वन समिति कोरबा ने की।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री भरत लहरे जी (कार्यपालन अभियंता), श्री रामहरि शराफ जी (प्राचार्य, डाइट कोरबा), श्री अजय कंवर जी, श्रीमती मीना लहरे जी, श्री नरेंद्र देवांगन जी, श्री प्रकाश अग्रवाल जी, श्री मिलाप बरेठ जी, श्री राजेश राठौर जी, श्री नरेंद्र पाटनवर जी, श्री दिनेश वैष्णव जी एवं श्री शैलेश सिंह सोमवंशी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में माननीय मंत्री लखनलाल देवांगन जी के शुभ करकमलों से शिकसा अकादमी का वार्षिक कैलेण्डर 2026 का विमोचन किया गया। अकादमी की जिलाध्यक्ष डॉ. गीता देवी हिमधर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन संस्थापक व संयोजक डॉ. शिवनारायण देवगन “आस” के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें शिक्षा जगत में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्राचार्यों एवं शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर शिक्षा श्रेष्ठ प्राचार्य सम्मान से
श्री रामहरि शराफ (प्राचार्य, डाइट कोरबा),
श्री गोपाल प्रसाद बंजारे (प्राचार्य, लाफा) एवं
डॉ. जगन्नाथ हिमधर (राज्यपाल पुरस्कृत प्राचार्य, नवापारा) को सम्मानित किया गया।
वहीं शिक्षा दीप सम्मान से 40 शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा शिक्षा शिरोमणि सम्मान से 20 से अधिक शिक्षाविदों को अलंकृत किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से बेदराम जाटवर, मनमोहन सिंह राठिया, दिनेश जोशी, अमृता कंवर, प्रिय दुबे (राज्यपाल पुरस्कृत), गौरी शंकर महंत, अंजू सिंह सोमवंशी, गीता बंजारे, पार्वती जायसवाल, शकुंतला बंजारे, मनोज प्रधान, जगजीवन कैवर्त्य, सावित्री करियारे, पुसाऊ राम पात्रे, भोज सिंह राठिया, बालकृष्ण गुप्ता, विजेंद्र पाटले, गोपालकृष्ण सिंह सहित अनेक शिक्षक शामिल रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना, वंदना एवं राजगीत के समवेत गायन के साथ हुआ। इसके पश्चात अकादमी के साहित्यकारों द्वारा स्वरचित कविता पाठ, गीत, लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। नन्ही बालिका द्वारा दी गई मनमोहक प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
इस अवसर पर डॉ. गीता देवी हिमधर (राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता) एवं श्री रामनारायण प्रधान (व्याख्याता एवं महासचिव, शिकसा) को माननीय मंत्री जी के हाथों “शिकसा श्री सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री लखनलाल देवांगन जी ने शिक्षकों को समाज की नींव बताते हुए अकादमी के कार्यों की सराहना की तथा शिकसा अकादमी को भवन उपलब्ध कराने की मांग पर प्राथमिकता से विचार कर सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शैलेश माहेश्वरी, तीरथराम मिरी, रथराम, मंगलसिंह, अकादमी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. गीता देवी हिमधर एवं मनोज प्रधान ने किया, जबकि श्री रामनारायण प्रधान, महासचिव शिकसा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। सभी अतिथियों को अकादमी की ओर से गीता ज्ञान रत्न प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।





