“लोकतंत्र की हत्या, बूथ अफसर की बलि और बंगाल में गुंडाराज – टीएमसी ने पश्चिम बंगाल को भय की प्रयोगशाला बना दिया”






— भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय का तीखा हमला, ममता सरकार कटघरे में
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **// रायपुर 17 जनवरी 2026
पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र अब सिर्फ एक शब्द बनकर रह गया है। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर अब तक का सबसे आक्रामक और बेनकाब करने वाला हमला बोलते हुए कहा कि “पश्चिम बंगाल आज भय, दबाव, हिंसा और चुनावी आतंक की प्रयोगशाला बन चुका है, जहाँ ईमानदार अधिकारी की जान भी सुरक्षित नहीं है।”
बूथ लेवल ऑफिसर की मौत – टीएमसी की राजनीति का खूनखराबा मॉडल
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के दौरान जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 110 के बूथ लेवल ऑफिसर अशोक दास की आत्महत्या को श्री पाण्डेय ने सीधे-सीधे टीएमसी नेताओं के दबाव और धमकियों का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक ईमानदार अधिकारी की संस्थागत हत्या है।
धमकियों का खौफनाक सच
श्री पाण्डेय ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि
वार्ड नंबर 109 की टीएमसी नेता अनन्या बनर्जी और राजू बिस्वास द्वारा
अशोक दास पर लगातार दबाव बनाया गया
उन्हें धमकी दी गई कि यदि उन्होंने मतदाता सूची से अवैध नाम हटाए तो
उन्हें, उनकी पत्नी और मासूम बच्चे को मार दिया जाएगा
लगातार मानसिक यातना, डर और असुरक्षा के माहौल में अशोक दास ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
“यह सिर्फ एक मौत नहीं, यह सत्ता के दबाव में कुचली गई लोकतांत्रिक व्यवस्था की चीख है।” – संतोष पाण्डेय
टीएमसी की नई परिभाषा – तुष्टिकरण, माफिया और अपराध
श्री पाण्डेय ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि आज बंगाल में
टीएमसी का मतलब है –
T – तुष्टिकरण की राजनीति
M – माफिया और गुंडा राज
C – क्राइम कल्चर
रोहिंग्या और घुसपैठियों को संरक्षण, नागरिक असुरक्षित
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि
पश्चिम बंगाल में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है
अवैध घुसपैठियों को वोट बैंक में बदलने के लिए
ईमानदार अधिकारियों को कुचला जा रहा है
उन्होंने सवाल उठाया—
“अगर ममता बनर्जी खुद को लोकतंत्र की रक्षक कहती हैं, तो इस मौत पर उनकी चुप्पी क्यों?”
चाकुलिया हिंसा – लोकतंत्र को आग
उत्तर दिनाजपुर के चाकुलिया की घटना का जिक्र करते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि
एसआईआर की सुनवाई के दौरान
टीएमसी उपद्रवियों ने
बीडीओ कार्यालय फूँक दिया
मशीनें तोड़ीं
अधिकारियों पर हमला किया
“जब चुनाव आयोग फर्जी नाम हटाने की बात करता है, टीएमसी हिंसा पर उतर आती है।”
फेक आईडी रैकेट और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़
श्री पाण्डेय ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि
बंगाल में फर्जी पहचान पत्रों का संगठित रैकेट सक्रिय है
10 हजार से 10 लाख रुपये में
राष्ट्रीय पहचान बेची जा रही है
इन्हीं फर्जी आईडी से घुसपैठिए वोट डाल रहे हैं और स्थानीय युवाओं की नौकरियाँ छीन रहे हैं
उन्होंने यह भी बताया कि
केंद्र सरकार द्वारा सीमा पर बाड़ लगाने के लिए मांगी गई जमीन पर
टीएमसी सरकार ने सहयोग से इनकार कर दिया
“जब वोट बैंक के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा दांव पर लगाई जाए, तो यह नाकामी नहीं, देशद्रोह की राजनीति है।”
‘सोनार बांग्ला’ से ‘खूनी खेल का मैदान’
श्री पाण्डेय ने कहा—
“ममता बनर्जी के शासन में बंगाल अब ‘सोनार बांग्ला’ नहीं, बल्कि ‘खूनी खेल का मैदान’ बन चुका है।”
ममता बनर्जी से भाजपा के सीधे सवाल
भाजपा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से देश की जनता की ओर से जवाब मांगा—
क्या अशोक दास की पत्नी और अनाथ बच्चे को न्याय मिलेगा?
क्या आत्महत्या के लिए उकसाने वाले टीएमसी नेताओं पर कार्रवाई होगी?
क्या बंगाल में चुनाव आयोग की निष्पक्ष प्रक्रिया अब ‘मौत की सजा’ बन चुकी है?
कब तक वोट बैंक के लिए बंगाल को अराजकता की आग में झोंका जाता रहेगा?
पत्रकार वार्ता में उपस्थित
पत्रकार वार्ता के दौरान
देवलाल ठाकुर, डॉ. किरण बघेल, राजीव चक्रवर्ती एवं सूरजपुर जिला भाजपा उपाध्यक्ष अनूप सिन्हा उपस्थित रहे।
🔴 निष्कर्ष:
यह लड़ाई किसी एक पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि डर, दमन, हिंसा और चुनावी धोखाधड़ी के खिलाफ है।
भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है—
अशोक दास को न्याय और बंगाल को भयमुक्त किए बिना संघर्ष नहीं रुकेगा।





