February 11, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

कोरबा को मिली आधुनिक न्यूरो केयर की सौगात: न्यू कोरबा अस्पताल में 30 दिवसीय मेगा न्यूरो कैंप, 100 से अधिक मरीजों को मिल चुका लाभ

 

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//**  कोरबा  कोसाबाड़ी स्थित न्यू कोरबा अस्पताल ने जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ते हुए न्यूरो संबंधी रोगियों के लिए 30 दिवसीय मेगा न्यूरो कैंप की शुरुआत की है। यह विशेष कैंप पूरे माह संचालित होगा और 31 जनवरी तक लगातार जारी रहेगा। कैंप के माध्यम से मरीजों को निःशुल्क न्यूरो परामर्श के साथ-साथ आवश्यक जांचों में अधिकतम छूट की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिल रही है।
इस मेगा कैंप में देश की जानी-मानी न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी प्रगदा एवं वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनीष गोयल द्वारा प्रतिदिन मरीजों को निःशुल्क ओपीडी परामर्श दिया जा रहा है। ओपीडी सेवाएं सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध हैं। कैंप की शुरुआत के बाद से ही मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, कोरबा जिले में न्यूरो केयर सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए न्यू कोरबा अस्पताल ने अब न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन, न्यूरो फिजियोथैरेपिस्ट के साथ-साथ न्यूरो साइकाइट्री की सुविधा भी शुरू कर दी है। इसके परिणामस्वरूप अब न्यूरो से संबंधित किसी भी प्रकार के इलाज के लिए मरीजों को रायपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि अब न्यूरो जांच, परामर्श, फिजियोथेरेपी एवं सर्जरी सहित सभी अत्याधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, जो कोरबा जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में ब्रेन स्ट्रोक, लकवा, मिर्गी, सिर दर्द, ब्रेन हेमरेज जैसी न्यूरो बीमारियों के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण मरीज समय पर चिकित्सक तक नहीं पहुंच पाते। अधिकांश मामलों में मरीज तब अस्पताल आते हैं, जब बीमारी गंभीर रूप ले चुकी होती है। ऐसे में इस प्रकार के मेगा न्यूरो कैंप समय पर जांच और उपचार के माध्यम से गंभीर स्थितियों को टालने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
विशेषज्ञों ने ठंड के मौसम को लेकर चेतावनी देते हुए बताया कि इस समय बुजुर्गों में ब्रेन हेमरेज और लकवा (पैरालिसिस) का खतरा अधिक रहता है। इसके प्रमुख कारण उच्च रक्तचाप, बढ़ती उम्र और नशे की आदतें हैं। प्राथमिक उपचार की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि बेहोश मरीज को कभी भी खाना या पानी नहीं देना चाहिए और अस्पताल ले जाते समय मरीज को करवट देकर रखना चाहिए।
मिर्गी (एपिलेप्सी) को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों पर चिंता जताते हुए डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यह कोई अभिशाप नहीं, बल्कि एक सामान्य न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। झाड़-फूंक और अंधविश्वास के चलते मरीजों को प्रताड़ित करना न सिर्फ गलत है, बल्कि इससे बीमारी और अधिक गंभीर हो सकती है।
न्यू कोरबा अस्पताल द्वारा आयोजित यह 30 दिवसीय मेगा न्यूरो कैंप न केवल इलाज की सुविधा उपलब्ध करा रहा है, बल्कि जनजागरूकता फैलाने की दिशा में भी एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आया है। पिछले 15 दिनों में 100 से अधिक मरीज रजिस्ट्रेशन कराकर निःशुल्क ओपीडी परामर्श का लाभ उठा चुके हैं।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह पहल कोरबा जिले के आम नागरिकों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रही है और आने वाले समय में इससे सैकड़ों मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.