February 11, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

DMF फंड में खुली लूट! 40% तक रिश्वत के आरोप, जिला पंचायत सामान्य सभा में पूर्व प्रशासन की पोल खुली स्ट्रीट लाईट, टैंकर और GYM खरीदी में करोड़ों की अनियमितताएं, उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//* रायपुर। बेमेतरा/नवागढ़
जिला पंचायत की सामान्य सभा इस बार विकास योजनाओं की समीक्षा के बजाय भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर खुलासों का मंच बन गई। बैठक में सदस्यों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में DMF राशि से की गई खरीदी को लेकर ऐसे-ऐसे सवाल उठाए, जिन्होंने पूर्व प्रशासनिक कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया।
सदस्यों ने आरोप लगाया कि DMF फंड का उपयोग जनहित में कम और कमीशनखोरी व बंदरबांट में ज्यादा हुआ। बैठक में बार-बार यह सवाल गूंजता रहा कि जब सामान घटिया, काम अधूरा और जरूरत संदिग्ध थी, तो भुगतान किस आधार पर किया गया?
स्ट्रीट लाईट के नाम पर अंधेरा, भुगतान में रोशनी
नगर पंचायत मारो, पड़पोड़ी और जनपद क्षेत्रों में स्ट्रीट लाईट खरीदी को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए। सदस्यों ने बताया कि—
घटिया और अल्पकालिक गुणवत्ता की लाईट लगाई गई
तय तकनीकी मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया
बाजार दर से कई गुना अधिक कीमत पर भुगतान किया गया
सबसे गंभीर सवाल यह उठा कि जिन वार्डों में लाईट लगी ही नहीं, वहां पूरा भुगतान कैसे हो गया? क्या यह सिर्फ कागजों में किया गया काम था?
नवागढ़ और साजा में टैंकर खरीदी पर बड़ा सवाल
नवागढ़ और साजा क्षेत्र में टैंकर क्रय को लेकर भी सभा में तीखी बहस हुई। सदस्यों ने आरोप लगाया कि—
जरूरत से कहीं अधिक कीमत पर टैंकर खरीदे गए
खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता पूरी तरह गायब रही
तकनीकी गुणवत्ता संदेह के घेरे में है
सदस्यों ने यह भी सवाल उठाया कि जब पहले ही 15वें वित्त की राशि से टैंकर खरीदे जा चुके थे, तो दोबारा खरीदी की आवश्यकता क्यों पड़ी?
आरोप है कि ठेकेदार चयन भी अपने खास लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया।
स्वामी आत्मानंद विद्यालय में GYM खरीदी बनी भ्रष्टाचार की मिसाल
शिक्षा संस्थानों को बेहतर बनाने के नाम पर की गई GYM सामग्री खरीदी भी सवालों के घेरे में रही। सदस्यों ने कहा—
आवश्यकता से कई गुना महंगी खरीदी
अत्यंत घटिया गुणवत्ता की सामग्री
कई उपकरण उपयोग के लायक तक नहीं
सदस्यों ने आरोप लगाया कि शिक्षा के नाम पर दिखावा किया गया और असल में DMF राशि की खुली लूट हुई।
नगर पंचायत पड़पोड़ी में LED लाईट घोटाले के गंभीर आरोप
नगर पंचायत पड़पोड़ी में LED लाईट खरीदी और स्थापना को लेकर भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए—
कम गुणवत्ता की लाईट
वारंटी और मेंटेनेंस शर्तों की अनदेखी
पहले भुगतान, बाद में अधूरा काम
सदस्यों ने इसे नियमों की खुली अवहेलना बताया।
“योजनाएं नहीं, कमाई की मशीन बन गया सिस्टम”
सामान्य सभा में सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि चाहे स्ट्रीट लाईट हो, टैंकर हो या GYM सामग्री—हर जगह एक ही पैटर्न दिखाई दे रहा है:
महंगी खरीदी + घटिया सामान + कागजी काम
यह स्थिति पूर्व प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
नए प्रशासन ने झाड़ा पल्ला, जांच की मांग और तेज
बैठक में बताया गया कि वर्तमान जिला प्रशासन और जिला पंचायत के नए अधिकारी इन मामलों से अनभिज्ञ हैं। सदस्यों ने इस जवाब को असंतोषजनक बताते हुए स्वतंत्र जांच एजेंसी से विस्तृत जांच की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला DMF राशि से की गई खरीदी से जुड़ा है, जो पूर्व पदस्थ अधिकारियों के कार्यकाल का बताया जा रहा है।
अब जांच तय, कई चेहरे बेनकाब होने के आसार
बैठक के अंत में यह स्पष्ट हो गया कि DMF फंड से जुड़ी इन खरीदी प्रक्रियाओं पर जांच का दबाव तेजी से बढ़ रहा है।
यदि आरोप सही पाए गए, तो आने वाले दिनों में कई अधिकारी और ठेकेदार कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
जनता के पैसों से हुई इस कथित लूट पर अब जवाबदेही तय होना ही होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.