प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली मजबूती, कलेक्टोरेट सभागार में “निक्षय मित्र” कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों को मिला पोषण संबल






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए SECL गेवरा प्रोजेक्ट एवं NTPC कोरबा (CSR) के सौजन्य से आज “निक्षय मित्र” कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टोरेट सभागार, कोरबा में किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले के टीबी मरीजों को निशुल्क पोषण आहार किट का वितरण किया गया, जिससे उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन जी ने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से जुड़ा जनआंदोलन है। टीबी जैसी गंभीर बीमारी से मुक्ति के लिए दवाइयों के साथ-साथ पोषण अत्यंत आवश्यक है, और “निक्षय मित्र” जैसी पहल मरीजों के आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष श्री गोपाल मोदी जी ने कहा कि समाज के सक्षम संस्थानों द्वारा टीबी मरीजों को गोद लेकर पोषण सहायता प्रदान करना एक मानवीय और प्रेरणादायी कार्य है। उन्होंने SECL गेवरा प्रोजेक्ट एवं NTPC कोरबा (CSR) की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष श्री प्रफुल्ल तिवारी जी, मंडल अध्यक्ष श्री राजेश राठौर जी, श्री नरेंद्र पाटनवर जी, अपर कलेक्टर श्री ओंकार यादव जी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CHMO) श्री एस. एन. केशरी जी, SDM श्री सरोज महिलांगे जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने संयुक्त रूप से टीबी मरीजों को पोषण आहार किट प्रदान कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
CHMO श्री एस. एन. केशरी जी ने जानकारी देते हुए बताया कि टीबी के उपचार में नियमित दवा सेवन के साथ संतुलित पोषण अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की पोषण सहायता से मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और उपचार की सफलता सुनिश्चित होती है।
कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने टीबी उन्मूलन के लिए सतत प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया। आयोजन के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब शासन, प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं और आमजन मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे





